2 Apr 2025
Aajtak.in
चैत्र नवरात्र चल रहे हैं और इन पावन दिनों में फलों का कारोबार भी तेज रहता है. व्रत रखने वाले साधक खाने और देवी को भोग लगाने में इनका प्रयोग करते हैं.
लेकिन आपने देखा होगा कि कई लोग बाजार से फल लाकर उन्हें बिना काटे-छीले सीधे देवी-देवताओं को चढ़ा देते हैं. क्या ऐसा करना सही है?
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इस बारे में वृंदावन वाले प्रेमानंद महाराज ने जानकारी दी है. आइए जानते हैं कि देवी-देवताओं को फल काटकर भोग लगाना चाहिए या नहीं.
प्रेमानंद महाराज का कहना है कि कुछ फल बीज या गुठली युक्त होते हैं- जैसे सेब, संतरा, तरबूज, पपीता या आम आदि.
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जब लोग खुद इन फलों का सेवन करते हैं तो बीज और गुठली को निकाल देते हैं. लेकिन भगवान को चढ़ाते वक्त वो ऐसा नहीं करते हैं.
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प्रेमानंद महाराज ने बताया, 'हम स्वयं जब श्री जी को फल का भोग लगाते हैं तो उसका एक-एक बीज निकालकर उन्हें अर्पित करते हैं.'
'हम पहले फल को धोकर काटते हैं. उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर उसमें से बीज निकालते हैं और तब अर्पित करते हैं.'
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'जाने-अनजाने हो रही इस गलती को सुधारना चाहिए. पूजा-पाठ या हवन के दौरान भगवान को फल अर्पित करने से पहले इसका ध्यान रखना चाहिए.'