छठ पर गाए 62 गीत, नहाए-खाए पर बिहार की लोकगायिका शारदा सिन्हा का निधन

5 Nov 2024

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बिहार की स्वर कोकिला शारदा सिन्हा का 72 साल की उम्र में निधन हो गया है. दिल्ली के एम्स में उन्होंने आखिरी सांस ली.

शारदा सिन्हा के बेटे अंशुमन सिन्हा ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में जानकारी देते हुए लिखा, 'मां को छठी मईया ने अपने पास बुला लिया है.'

शारदा सिन्हा, वो भोजपुरी लोकगायिका थीं, हर छठ घाट पर जिनके स्वर गूंजा करते थे. 'दुखवा मिटाईं छठी मइया' उनका बहुत ही प्रसिद्ध गीत है.

यह बड़ा ही दुर्लभ संयोग है कि जिस छठी मइया के गीतों के कारण उन्हें इतनी बड़ी पहचान मिली, उनके पावन दिनों में ही उनका निधन हुआ है.

2018 में शारदा सिन्हा को मल्टिपल मायलोमा होने की खबर सामने आई थी. ये एक घातक किस्म का ब्लड कैंसर है. वो तभी से बीमार चल रही थीं.

कैसे हुआ निधन?

शारदा सिन्हा को 1991 में पद्मश्री और 2018 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था. अपने करियर में उन्होंने 9 एल्बम में 62 छठ गीत गाए थे.

शारदा सिन्हा का जन्म 1 अक्टूबर 1952 को बिहार के सुपौल मे हुआ था. उन्होंने अपने अधिकतर गाने मैथिली और भोजपुरी में गाए.

शारदा सिन्हा ने फिल्म मैंने प्यार किया के गीत 'कहे तो से सजना' और हम आपके हैं कौन फिल्म में 'बाबुल जो तुमने सिखाया' गीत में भी अपनी आवाज दी थी.