प्रेमानंद महाराज ने बताया, तुलसी माला पहनने के होते हैं खास नियम

23 FEB 2025

By: Aajtak.in

हिंदू धर्म में तुलसी माला बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है. तुलसी की माला को सूखी तुलसी से बनाया जाता है.

कहते हैं कि तुलसी की माला धारण करने से जातक के जीवन से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है.

लेकिन तुलसी की माला को धारण करने के कुछ नियम हैं. तो चलिए वृंदावन के प्रेमानंद महाराज जी से जानते हैं कि तुलसी माला धारण करने के क्या नियम हैं. 

प्रेमानंद महाराज जी ने बताया कि तुलसी माला हर कोई धारण कर सकता है. लेकिन, तुलसी माला धारण करने के बाद मांस मदिरा का सेवन न करें.

आगे प्रेमानंद महाराज बताते हैं कि इस तुलसी की माला को धारण करने के बाद प्रभु का नाम जप करते रहना चाहिए.

'इस बात का भी ख्याल रखना है कि तुलसी माला धारण करने के बाद मुख से कोई अपशब्द और गंदी बातें न निकालें.'

प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि, 'तुलसी माला मरण सूतक के अंतराल में धारण नहीं करनी चाहिए. मरण सूतक के तेरहवें दिन स्नानादि करके तुलसी माला को धारण करना चाहिए.' 

'साथ ही अपनी तुलसी माला की रोज पूजा करें और नियमित रूप से पहनें. किसी भी स्थिति में उसे न उतारें.'