क्या करने से व्यक्ति की आयु होने लगती है कम? प्रेमानंद महाराज ने दिया उत्तर

6 Mar 2025

aajtak.in

ठाकुर जी और राधारानी के भक्त  वृंदावन के जाने माने गुरु प्रेमानंद महाराज हर किसी को जीवन से जुड़ी सलाह देते हैं.

हाल ही में, प्रेमानंद महाराज का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह व्यक्ति महाराज जी को अपनी दुविधा बता रहा है.

व्यक्ति ने प्रेमानद महाराज को अपनी समस्या बताते हुए कहा कि, 'व्यक्ति की आयु श्वासों की संख्या पर आधारित  होती है या समय सीमा पर आधारित होती है.'

जिस पर प्रेमानंद महाराज उत्तर देते हुए कहते हैं कि, 'व्यक्ति की आयु श्वास पर आधारित होती है समय सीमा के आधार पर नहीं होती है.'

'जैसे चांददेव जी समाधि के द्वारा 1400 वर्ष तक पहुंच चुके थे जैसे ही उनकी मृत्यु करीब आती वह समाधि ले लेते थे. इसकी वजह से श्वास बचा रहे थे.'

' वहीं पहले के ब्राह्मण भी 150 वर्ष तक जी लेते थे क्योंकि वह अपनी श्वास रोक लेते थे. अगर प्राणायाम कर रहे हैं तो इससे आपकी उम्र बढ़ सकती है.'

'इसलिए एक एक श्वास हमारी नियत यानी निश्चित है. जहां एक भी श्वास खर्च हुई तो जीव खत्म हो जाएगा.'

आगे वह व्यक्ति प्रश्न करते हुए बोलता है कि, 'क्या एक एथलीट की तुलना में खाली बैठने वाले व्यक्ति की श्वास जल्दी खत्म होती है.'

इस पर प्रेमानंद महाराज उत्तर देते हुए कहते हैं कि, 'हां जो लोग खाली बैठे होते हैं और चिंतन की जगह चिंता कर रहे होते हैं उनकी श्वास ज्यादा खर्च होती है.'

'वहीं काम क्रीड़ा से भी श्वास ज्यादा खर्च होती है, इससे व्यक्ति तेज तेज श्वास लेने लगता है.'

Read Next