मनुष्य के इन कर्मों की वजह से घट जाती है उम्र, प्रेमानंद महाराज ने बताया

मथुरा के वृंदावन में प्रवचन करने वाले प्रेमानंद महाराज ने इंसान के उन कर्मों का उल्लेख किया है जिससे उसकी उम्र घट जाती है.

प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं, 'ऐसा इंसान जो नास्तिकता का वचन बोलता है. नास्तिकता की भावना में रहता है. शास्त्र की आज्ञा के विरुद्ध कर्म करता है. उनकी आयु बहुत जल्द नष्ट हो जाती है.

प्रेमानंद महाराज जी का कहना है कि ऐसे लोग जो दुराचार प्रवृत्ति के होते हैं. नाखूनों को चबाते रहते हैं. पैर हिलाते रहते हैं. ऐसे लोगों की आयु भी क्षीण होने लगती है.

प्रेमानंद महाराज कहते हैं, 'ऐसे लोग जो संध्याकाल में सोते हैं. संध्याकाल में भोजन करते हैं. संध्याकाल में व्यर्थ की चेष्टाएं करते हैं. उनकी आयु का नाश हो जाता है.

यदि कोई दुर्बल या वयोवृद्ध इंसान है. सिर पर भार लिए हुए है और आप उसे मार्ग नहीं देते हैं. उसे पीड़ा पहुंचाते हैं तो इससे भी आयु का नाश हो जाता है.

प्रेमानंद महाराज कहते हैं, 'यदि कोई दिव्यांग, निर्बल या कुरूप है. ऐसे लोगों का उपहास करने से आयु क्षीण होने लगती है.'

ऐसे लोग जो सुबह 8 बजे, 10 बजे तक सोते रहते हैं. उनका शरीर अस्वस्थ हो जाता है. आयु क्षीण होती है और बुद्धि नष्ट हो जाती है.