2000 मीटर तक निशाना, बेहद खतरनाक है ये रॉकेट लॉन्चर
स्वीडन की डिफेंस कंपनी SAAB कार्ल गुस्ताफ एम4 रिकॉयललेस राइफल का निर्माण भारत में करना चाहती है.
इस वेपन सिस्टम को साब (SAAB) की नई सब्सिडियरी कंपनी साब एफएफवी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड करेगी.
SAAB के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट गॉर्जेन जोहान्सन ने कहा कि वो कार्ल गुस्ताफ एम4 रॉकेट लॉन्चर की टेक्नोलॉजी भारत को हस्तांतरित कर देंगे.
गॉर्जेन जोहान्सन ने कहा कि भारतीय सेना ने साब से पहले ही M4 वैरिएंट मंगा रखे हैं.
कार्ल गुस्ताफ एम4 रिकॉयललेस राइफल कंधे पर रख कर दागा जाने वाला हथियार है.
कार्ल गुस्ताफ एम4 को 2014 में बनाया गया है. यह दुनिया के अत्याधुनिक रॉकेट लॉन्चरों में से एक है.
इसका वजन 6.6 किलोग्राम, लंबाई 37 इंच है. इसे चलाने के लिए दो लोगों की जरुरत होती है.
इसमें 84 मिलिमीटर व्यास और 246 मिलिमीटर लंबा रॉकेट लगता है. यह एक मिनट में छह राउंड दाग सकता है.
इस रॉकेट लॉन्चर से दागे जाने के बाद इसके गोले अधिकतम 840 फीट प्रति सेकेंड की गति से आगे बढ़ते हैं.
अगर दुश्मन चलती फिरती गाड़ी में है तो इसकी सटीक रेंज 400 मीटर है और अगर गाड़ी खड़ी है तो 500 मीटर.
अगर स्मोक और हाईएक्सप्लोसिव गोले का उपयोग करते हैं तो रेंज 1000 मीटर है.
अगर रॉकेट बूस्टेड लेजर गाइडेड हथियार दागते हैं तो 2000 मीटर तक गोला जाता है.
कार्ल गुस्ताफ एम4 में से दुश्मन के ऊपर दस तरह के हथियार दागे जा सकते हैं.