क्या Climate Change के कारण आ सकती है सुनामी? जान लीजिए

11 Juky 2024

पिछले 40 सालों से गर्मी जितनी तेजी से बढ़ी है, उतनी 1850 के बाद के चार दशकों में नहीं बढ़ी थी. जलवायु परिवर्तन भविष्य की नहीं वर्तमान समस्या है.

वैज्ञानिकों ने चेतावनी भी दी है कि अगर हमनें प्रदूषण पर विराम नहीं लगाया तो प्रचंड गर्मी, बढ़ते तापमान और अनियंत्रित मौसम से सामना करना पड़ेगा.

 हर साल इंसान 4000 करोड़ टन कार्बन डाईऑक्साइड छोड़ता है. अगर इसे 2050 तक घटाकर 500 करोड़ टन तक नहीं किया तो यह धरती के टुकड़े होना तय है.

वर्तमान गति से चलते रहे तो साल 2050 तक प्रदूषण, प्रचंड गर्मी, बाढ़ जैसी दिक्कतों का आना दोगुना से ज्यादा हो जाएगा.

अगर हिमालय का तापमान साल 2100 तक डेढ़ डिग्री सेल्सियस और बढ़ गया तो हिमालय के आधे से ज्यादा ग्लेशियर खत्म हो जाएंगे.

तापमान बढ़ेगा तो बेमौसम बारिश होगी. बारिश तेज हुई या बादल फटे तो ये ग्लेशियल लेक्स टूटेंगी.

अगर हिमालय पर मौजूद सारे ग्लेशियल लेक्स एकसाथ टूट जाएं तो हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर-पूर्वी राज्यों में भारी आपदा आएगी. 

पानी बहकर नीचे यानी समंदर की तरफ गया पानी समुद्र का जलस्तर बढ़ाएगा. जिससे कई तटीय शहरों के डूबने का खतरा पैदा होगा. 

भारतीय हिमालय का इलाका बेहद संवेदनशील है. पहाड़ो पर हर मॉनसून में किसी न किसी तरह की बड़ी आपदा आ ही जाती है.