लगभग दो साल पहले एनवायरमेंटल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (EIA) की एक रिपोर्ट ने तहलका मचा दिया था.
एजेंसी ने पेंगोलिन नाम के जंगली पशु की तस्करी पर बात करते हुए कई ऑनलाइन साइट्स पर आरोप लगाया.
उसका कहना था कि दवाएं बेचने वाली बहुत सी वेबसाइट्स पर पेंगोलिन के शरीर से बने उत्पाद बेचे जा रहे हैं.
यहां तक कि 2 सौ से ज्यादा कंपनियों ने बाकायदा लाइसेंस ले रखा है, जिसमें वे पेंगोलिन की स्केल्स से बनी दवाएं और कॉस्मेटिक्स बेचने का दावा करती हैं.
एजेंसी समेत पशुओं और पर्यावरण पर काम करने वाली कई संस्थाओं ने आशंका जताई कि जल्द ही पेंगोलिन भी डोडो पक्षी की श्रेणी में आ जाएंगे.
ये वो पक्षी थे, जिनके मांस के बीसियों फायदे बताते हुए उनकी इतनी तस्करी हुई कि वे विलुप्त हो गए.
पेंगोलिन कीड़े खाने वाले स्तनधारी हैं, जो 80 मिलियन सालों से धरती पर हैं. वो आने वाले कुछ सालों में खत्म हो जाएंगी. पूरी रिपोर्ट नीचे पढ़ें.