हमारे पेट, खासकर गैस्ट्रोइंटेस्टिनल ट्रैक्ट में खरबों बैक्टीरिया रहते हैं.
गट माइक्रोबेटा कहलाने वाले ये बैक्टीरिया मां के गर्भ में नहीं होते.
लेकिन जैसे ही शिशु बाहर आता है, ब्रेस्ट मिल्क के जरिए उसकी आंतों में भी पहुंच जाते हैं.
तभी से खाना पचाने और इम्यूनिटी बढ़ाने का जिम्मा ये लेते हैं. इन्हें गुड बैक्टीरिया भी कहा जाता है.
गट बैक्टीरिया को शुरुआत में सिर्फ डायजेशन से जोड़कर देखा जाता रहा, लेकिन फिर गट-ब्रेन कनेक्शन की बात दिखी.
चूहों पर हुए प्रयोगों में पता लगा कि जिनकी आंतों में बैक्टीरिया थे. वे जल्दी फैसला नहीं ले पाते थे और ज्यादा आक्रामक भी थे.
बैक्टीरिया आखिर मस्तिष्क पर क्यों और कैसे असर डालते हैं? इस बात का निश्चित जवाब फिलहाल वैज्ञानिकों के पास भी नहीं है.
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