टाइम ट्रैवल पर बहुत सी फिक्शन फिल्में बन चुकी हैं. टाइम ट्रैवल कर पाने का सपना हर इंसान कभी न कभी जरूर देखता है.
दुनियाभर में बडे़ प्रयोग कर रहे वैज्ञानिक अब तक समय के पार जाने का कोई तरीका नहीं खोज सके हैं.
रिसर्च से यह साबित हो चुका है कि टाइम ट्रैवल का ग्रैविटी यानी गुरुत्वाकर्षण से भी संबंध है.
वैज्ञानिकों के मुताबिक, हम जितनी मजबूत ग्रेविटी के पास होंगे, समय उतना ही धीरे चलेगा.
ब्लैक होल के पास बहुत ज्यादा ग्रेविटी होती है. वैज्ञानिक तो यहां तक मानते हैं कि इसमें एक हद के बाद प्रकाश और समय का मतलब खत्म हो जाता है.
वैज्ञानिक परिकल्पना है कि आप जितनी देर ब्लैक होल के किनारे या उसके सेंटर पर बिताएंगे, उतनी देर में पृथ्वी पर शायद हजारों साल बीत जाएं.
हालांकि, ब्लैक होल का अस्तित्व ही ऐसा है कि इन्हें नंगी आंखों या सामान्य टेलीस्कोप से देखा नहीं जा सकता.
वहीं, यहां जाने के बाद क्या होगा, ये भी वैज्ञानिक अब तक नहीं जान सके हैं. ब्लैक होल के भीतर जाने पर क्या होगा, ये अब तक रहस्य है.
कुछ वैज्ञानिक जरूर मानते हैं कि ब्लैक होल टाइम ट्रैवल तभी करा सकता है जब कोई उसके भीतर जा सके और फिर वापस भी लौट सके.
ब्लैक होल और टाइम ट्रैवल को लेकर क्या वैज्ञानिक थ्योरीज हैं, इसे विस्तार से समझने के लिए नीचे क्लिक कीजिए.