कावा इजेन ज्वालामुखी आखिरी बार 1999 में फटा था.
Pic credit: Pixabayइंडोनेशिया के जावा में बानयूवांगी रीजेंसी और बोंडोवोसो रीजेंसी की सीमा पर मौजूद यह ज्वालामुखी नीला लावा उगलता है.
वैज्ञानिकों के मुताबकि सलफ्यूरिक गैस निकलने की वजह से यहां पर निकलने वाली आग नीली दिखती है.
बता दें कि यह ज्वालामुखी दुनिया का इकलौता ऐसा ज्वालामुखी है, जहां से नीले रंग की आग और लावा निकलता है.
इस ज्वालामुखी का काल्डेरा करीब 20 किलोमीटर चौड़ा है.
यहां पर एक क्रेटर है, जो करीब 1 किलोमीटर व्यास का है. यहां पर नीले रंग का पानी है, जो पूरी तरह से एसिडिक है. यानी तेजाब की झील है.
इस झील को दुनिया का सबसे बड़ा एसिडिक क्रेटर लेक माना जाता है.
काफी संख्या में लोग यहां से सल्फर का खनन करके ले जाते हैं.