2 August 2024
Credit: IMD
केरल के 40 फीसदी इलाके में पश्चिमी घाट है. भयानक नमी वाला जंगली इलाका. जहां थोड़ी देर भी बारिश होने पर भूस्खलन होना लाजमी है. ऐसे ही इलाके के बीच में मौजूद है वायनाड.
मौसम विभाग के सैटेलाइट तस्वीर में स्पष्ट दिखा कि केरल के पास बादलों का जमावड़ा था. संभावना है कि केरल के पूर्व में स्थित पश्चिमी घाट की ऊंची पहाड़ियां ने इन बादलों को फैलने या आगे जाने में बाधा बनी हों.
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ऐसी ही बाधा के कारण 2013 में केदारनाथ में त्रासदी आई थी. वहां भी बादल पहाड़ों में फंस गए थे. यही वजह है कि वायनाड में ऐसी भयंकर तबाही आई.
अरब सागर तेजी से गर्म हो रहा है. समंदर में ट्रफ बना हुआ है. इसकी वजह से पूरा कोंकण इलाका दो दिनों तक प्रभावित रहा. यहां घटना के आसपास मीसोस्केल क्लाउड सिस्टम (Mesoscale Cloud System) बना.
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वैज्ञानिकों ने देखा है कि केरल के पास अरब सागर में वेरी डीप क्लाउड सिस्टम डेवलप हो रहा है. जो कई बार जमीन की तरफ बढ़ जाता है.
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अरब सागर की गर्मी. उसके ऊपर जमा बादलों का झुंड. इसकी वजह से केरल में तबाही आई. मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 दिन तक केरल के वायनाड सहित निचले इलाकों में ताकतवर हवाएं चलेंगी. तेज बारिश, थंडरस्टार्म आ सकता है.