3 August 2024
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देश भर में भारी बारिश में हो रहे भूस्खलन में मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. गृह मंत्रालय ने दावा किया कि उनकी तरफ से केरल सरकार को अर्ली वार्निंग सिस्टम के जरिए अलर्ट भेजा गया था.
साल 2016 में देश में अर्ली वार्निंग सिस्टम तैयार हुआ और इस समय यह दुनिया के सबसे आधुनिक सिस्टम्स में से है. इसमें भी भारत उन चुनिंदा देशों में है जो 7 दिन पहले आपदा का अनुमान लगा लेते हैं.
इतना ही नहीं, एक रिपोर्ट के अनुसार, हमारे साइंटिस्ट पांच देशों- नेपाल, बांग्लादेश, मॉरिशस, मालदीव और श्रीलंका की ऐसा सिस्टम तैयार करने में मदद कर रहे हैं.
अर्ली वार्निंग सिस्टम कई प्रोटोकॉल्स का पालन करता है. चेतावनी भेजने का जिम्मा मौसम विज्ञान विभाग के पास रहता है. लैंडस्लाइड और भूकंप का पहले से पता लग पाना काफी मुश्किल माना जाता रहा है.
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मौसम विभाग की वेबसाइट, सरकारी चैनल, सोशल मीडिया हैंडल्स, और न्यूज एजेंसी पर ये जानकारी संतुलित शब्दों में दी जाती है. इस बीच सेंटर और राज्य दोनों ही एहतियातन कदम उठाते हैं.
वैज्ञानिक सेंसरों और अलग-अलग उपकरणों के जरिए मौसम, भूकंप और दूसरी आपदाओं की घटनाओं के डेटा कलेक्ट करते हैं. इनके आधार पर चेतावनी जारी की जाती है.
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अर्ली वार्निंग सिस्टम से ही देश के ओडिशा और गुजरात समेत दुनियाभर में आपदाओं का अनुमान लगाकर बचाव किया जाता रहा है.
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