मेथुसेलाह दुनिया की सबसे बुजुर्ग जीवित एक्वेरियम मछली मानी जाती है.
बाइबिल के एक कहानी के अनुसार नोहा के दादा जी का नाम मेथुसेलाह था. जो करीब 969 साल तक जीवित रहें.
मेथुसेलाह मछली की उम्र उम्र 90 साल के आसपास आंकी जाती है.
कैलिफोर्निया एकेडमी ऑफ साइंसेज के बायोलॉजिस्ट के मुताबिक इस उम्र की कोई और मछली किसी एक्वेरियम में नहीं है.
यह एक ऑस्ट्रेलियन लंगफिश है. जिसे 1938 में ऑस्ट्रेलिया से सैन फ्रांसिस्को के म्यूजियम में लाया गया था.
एलेन जान ने कहा कि हम इसके फिन्स का एक छोटा सैंपल ऑस्ट्रेलियाई रिसर्चर्स के पास भेजने की तैयारी कर रहे हैं.
इससे उसके लिंग के बारे में और उसकी सटीक उम्र का अंदाजा लगाया जा सकेगा.
मेथुसेलाह को उसकी पीठ और पेट पर मालिश करवाना अच्छा लगता है.
यह इस मछली के नरम स्वभाव को दर्शाता है.