मॉनसून की विदाई में क्यों हो रही देर? जानें इसके पीछे की वजह

18 Sep 2024

देश के अधिकतर राज्यों में इस साल सामान्य से अधिक बारिश देखने को मिली है. वहीं, मॉनसून के अटक जाने से इसकी विदाई का समय भी बढ़ गया है. आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह क्या है.  

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन बन गया है, जिसकी वजह से गंगा के मैदानी इलाकों और दिल्ली तक चक्रवाती तूफान आने और तेज बारिश होने की आशंका बढ़ गई है. 

मॉनसून के समय लो प्रेशर सिस्टम यानी कम दबाव का क्षेत्र बनना आम बात है. इसे मॉनसून लो कहते हैं, जो बाद में तीव्र होकर मॉनसून डिप्रेशन में बदल जाता है. मॉनसून में बनने वाले ये लो प्रेशर एरिया और डिप्रेशन लंबे समय तक टिके रहते हैं. 

वैज्ञानिकों के अनुसार, बेतरतीब अर्बन डेवलपमेंट होने से जंगल और कॉन्क्रीट के बीच संतुलन नहीं है, जिसकी वजह से बाढ़ के हालात पैदा हो रहे हैं और लैंड बेस्ड साइक्लोन की समस्या भी बढ़ रही है. 

वहीं, कार्बन डाईऑक्साइड का उत्सर्जन बढ़ने की वजह से भी मॉनसून का सीजन लंबे समय तक बना रहता है और बारिश की तीव्रता में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगर उत्सर्जन बढ़ा तो तेज बारिश की तीव्रता में 58 फीसदी की बढ़ोतरी होगी.

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेटेरियोलॉजी (IITM) की एक स्टडी में हुआ है. जिसमें कहा गया है कि इस सदी के अंत तक भारत में अत्यधिक बारिश की घटनाओं में भारी बढ़ोतरी होने के आसार है. इसका ज्यादा असर पश्चिमी घाट और मध्य भारत पर पड़ेगा. 

वैज्ञानिक जस्ती एस चौधरी के अनुसार, सदी के अंत तक अत्यधिक बारिश वाले दिनों की कुल संख्या वर्तमान के चार दिनों से बढ़कर हर साल नौ दिन हो सकती है. मॉनसून की बारिश में 6 से 21 फीसदी इजाफा होने का अनुमान है. फिलहाल भारत के 8 फीसदी हिस्से में अत्यधिक बारिश होती है.