08 Oct 2024
Credit: Reuters
रूस के साइबेरिया में कुछ सालों से लगातार धमाके हो रहे हैं. आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई देती है. जब इन धमाकों की वजह पता की गई तो बड़े-बड़े गड्ढे निकले.
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वैज्ञानिकों ने इन गड्ढों के बनने की वजह पता की. क्योंकि ये इलाका पर्माफ्रॉस्ट है. यानी यहां जमीन, मिट्टी, पत्थर, बर्फ, पानी सब करोड़ों साल से माइनस तापमान में लगातार जमे हुए हैं.
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असल में जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान का असर आर्कटिक सर्किल पर भी पड़ रहा है. साइबेरिया में पर्माफ्रॉस्ट का तापमान बढ़ रहा है. तो जमीन के नीचे पानी ने अब बहना शुरू कर दिया है. जिससे पर्माफ्रॉस्ट के नीचे दरारें बनती हैं.
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इन दरारों की वजह से बड़ी सुरंगें बन जाती हैं. जब इन सुरंगों के बनने से मीथेन निकलता है, तब उसे बाहर आने के लिए जगह चाहिए होती है. जगह नहीं मिलने पर प्रेशर क्रिएट होता है, और विस्फोट होता है.
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वैज्ञानिकों ने ऐसी ही एक गड्ढे की स्टडी की. गड्ढा 160 फीट गहरा और 230 फीट चौड़ा था. स्टडी में पता चला कि सुरंग से मीथेन गैस निकल रही है. साथ ही अंदर भारी मात्रा में बर्फ और पत्थर है.
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कैंब्रिज यूनिवर्सिटी की केमिकल इंजीनियर और इस स्टडी में शामिल एना मरोगादो ने कहा कि बढ़ते तापमान की वजह से पर्माफ्रॉस्ट पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है.
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उन्होंने बताया कि पर्माफ्रॉस्ट के नीचे का वातावरण बिगड़ रहा है. अंदर से मीथेन को निकलने की जगह चाहिए. जब जगह नहीं मिलेगी तो इस तरह के विस्फोट होंगे.
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मरोगादो ने कहा कि साइबेरिया में ही ऐसे गड्ढे देखे गए हैं. इसकी भी जांच चल रही है. हम लगातार पानी-मीथेन से बने क्रिस्टल्स की जांच कर रहे हैं. इसे मीथेन हाइड्रेट्स कहते हैं.
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