जब किसी शख्स का रिश्ता टूटता है, तो उसे भयानक तकलीफ होती है. जानिए इसके पीछे का विज्ञान क्या है.
दिल टूटने के बाद शरीर और मन पर जो बुरा असर होता है, उसके लिए हॉर्मोन्स जिम्मेदार होते हैं.
दिल टूटने पर तकलीफ के एहसास के पीछे वैज्ञानिक इन्ही हार्टब्रेक हॉर्मोन्स को वजह मानते हैं.
जब आप प्यार में होते हैं, तब आपके शरीर में फील गुड हॉर्मोन यानी डोपामाइन ज्यादा निकलता है.
जैसे ही आपका ब्रेकअप होता है, या धोखा मिलता है तो शरीर में तनाव बढ़ाने वाले हॉर्मोन्स जैसे कॉर्टीसोल की मात्रा तेजी से बढ़ती है.
फिर आपको बेचैनी होती है. गुस्सा आता है. चिड़चिड़े हो जाते हैं. कॉर्टीसोल की मात्रा बढ़ने से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है.
दिल टूटने पर दिमाग का वो हिस्सा एक्टिव हो सकता है, जो शारीरिक चोट लगने पर होता है. इसे सेकेंडेरी सोमैटोसेंसर कॉर्टेक्स और डॉर्सल पोस्टीरियर इंसुला कहते हैं.
दिमाग के इस हिस्से के इस तरह से एक्टिव होने से सीने में दर्द या पैनिक अटैक आ सकते हैं. ये दर्द महसूस करने वालों को लगता है कि वो पूरी तरह से टूट चुके हों.
रिसर्च में तो यहां तक दावा है कि दिल टूटने पर इंसान की मौत भी हो सकती है. विस्तार से जानने के लिए नीचे क्लिक करें.