हमने चमगादड़ों को पेड़ से उल्टे लटके कई बार देखा होगा. लेकिन इसकी क्या वजह है, आप जानते हैं?
चमगादड़ों के पंख अन्य पक्षियों की तरह मजबूत नहीं होते इसलिए उन्हें जमीन से उड़ान भरने में दिक्कत होती है.
ऐसे में चमगादड़ दौड़कर वो स्पीड नहीं हासिल कर पाते, जिसकी बदौलत वे जमीन से ऊपर उड़ान भर सकें.
ऐसे में पेड़ से उलटे लटके लटके हवा में गिरकर उड़ान भरना चमगादड़ों के लिए बेहद आसान हो जाता है.
चमगादड़ अपने सामने वाले पंजों के जरिए ऊंचे स्थानों पर लटके रहते हैं और नीचे गिरकर उड़ान भरते हैं.
एक दूसरी वजह ये है कि चमगादड़ों के पिछले पंजे उनकी अधिकतर मांसपेशियों के उलट काम करते हैं.
उनकी मांसपेशियां ऐसी होती हैं, जिसकी वजह से उल्टा लटकने में शरीर पर कोई स्ट्रेस पैदा नहीं होता.
ऐसे में पैर और उसकी उंगलियां सही पोजिशन में आने पर चमगादड़ का शरीर ग्रैविटी में आसानी से लटकता रहता है.
इंसान स्थाई तौर पर उल्टे नहीं लटक सकते क्योंकि ऐसा करते ही खून उनके सिर की तरफ इकट्ठा होने लगता है.
चमगादड़ का शरीर छोटा होता है, ऐसे में उनका दिल उल्टे लटके शरीर में भी समान मात्रा में खून पहुंचाने में सक्षम है.
ऊंचाई पर लटके चमगादड़ों को एक फायदा यह भी मिलता है कि इस तरह वे शिकारियों की पहुंच से दूर रहते हैं.