26 March, 2023 By: Aajtak.in

पूरी जिंदगी में हम सिर्फ 150 लोगों से ही रखते हैं रिश्ता!

H2 headline will continue

ब्रिटिश साइकोलॉजिस्ट रॉबिन डन्बर ने नब्बे के दशक में एक थ्योरी दी, जो दिमाग के साइज और औसत सोशल ग्रुप साइज की बात करती थी. 

Pic Credit: urf7i/instagram

H2 headline will continue

थ्योरी के मुताबिक, जिनका ब्रेन जितना विकसित होता है, उनके रिश्ते उतने ही ज्यादा बनते हैं. इस लिहाज से इंसानों के हिस्से सबसे ज्यादा रिश्ते आए. 

Pic Credit: urf7i/instagram

H2 headline will continue

कम कॉग्निटिव स्किल वाले पशु-पक्षी उतने दोस्ताना नहीं दिखे. थ्योरी के मुताबिक, इंसान पूरी जिंदगी में ज्यादा से ज्यादा 150 लोगों से ही जुड़ता है. 

Pic Credit: urf7i/instagram

H2 headline will continue

 हमारे सबसे टाइटेस्ट सर्कल में 1.5 से लेकर 5 ही लोग होते हैं. यही वे लोग होते हैं, जिनके भले-बुरे या होने- न होने से हमें ज्यादा फर्क पड़ता है. 

Pic Credit: urf7i/instagram

H2 headline will continue

इसके बाद 15 वे लोग होते हैं, जिन्हें हम गुड फ्रेंड्स की श्रेणी में रखते हैं. ये रिश्तेदार भी हो सकते हैं या पड़ोसी भी. 

Pic Credit: urf7i/instagram

H2 headline will continue

अब 50 लोग आते हैं, जो दोस्त की तरह लगते हैं. इसके बाद बाद के लोग मीनिंगफुल कॉन्टेक्ट होते हैं. रिश्तों पर बाकी डिटेल्स नीचे जानें. 

Pic Credit: urf7i/instagram
Click Here