11 DEC 2024
विनोद कांबली इन दिनों सुर्खियों में हैं. हाल में वह एक प्रोग्राम में सचिन तेंदुलकर संग नजर आए थे.
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लेकिन विनोद कांबली की हालत खराब दिखी थी, वह बात करते हुए और बोलते हुए भी दिक्कत में लग रहे थे.
कभी कांबली-सचिन एक साथ कोच रमाकांत आचरेकर के मार्गदर्शन में शिवाजी पार्क में क्रिकेट खेलते थे.
विनोद कांबली ने डेब्यू के बाद टीम इंडिया के लिए आतिशी बल्लेबाजी जारी रखी और शुरुआती 7 मैचों में ही 4 शतक लगा दिए, जिसमें से दो दोहरे शतक थे.
वहीं उन्होंने उन्होंने भारत के लिए टेस्ट मैचों में सबसे तेज 1000 रन भी पूरे किए. कुल मिलाकर 14 पारी में. यह रिकॉर्ड आज भी कायम है. इसे कोई नहीं तोड़ पाया है.
उनका यह रिकॉर्ड तोड़ने के काफी करीब यशस्वी जायसवाल आए थे. लेकिन उन्होंने 16 पारियों में ऐसा किया था.
कांबली ने टीम इंडिया के लिए 1991 में वनडे से डेब्यू किया था, जबकि 2000 में आखिरी वनडे खेला था.
कांबली ने 104 वनडे और 17 टेस्ट मैच खेले. उन्होंने कुल 3561 इंटरनेशनल रन बनाए हैं.
अक्टूबर 2000 के बाद विनोद कांबली को भारत की वनडे टीम में नहीं चुना गया. उनका आखिरी वनडे मुकाबला श्रीलंका के खिलाफ शारजाह में था.
साल 2009 में कांबली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया, जबकि 2011 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की.
बाएं हाथ के बल्लेबाज कांबली ने टेस्ट में 54.20 की औसत से 1084 रन बनाए, जिसमें चार शतक और तीन अर्धशतक शामिल रहे.
वहीं वनडे इंटरनेशनल में उन्होंने 32.59 के एवरेज से 2477 रन बनाए. वनडे इंटरनेशनल में कांबली के बल्ले से दो शतक और 14 अर्धशतक निकले.