31 Aug 2024
इंडियन कंप्यूटर इमजरेंसी रिस्पॉन्स टीम ने एक वॉर्निंग जारी की है. ये वॉर्निंग Chrome वेब ब्राउजर को लेकर जारी की गई है.
दरअसल, इस वेब ब्राउजर में कई खामियां पाई गई हैं. जिसकी वजह से सरकारी एजेंसी ने वॉर्निंग जारी की है. हैकर्स इन खामियों का फायदा उठा सकते हैं.
CERT-In ने लेटेस्ट नोटिफिकेशन में बताया है कि Google Chrome के डेस्कटॉप वर्जन में कई वल्नेरेबिलिटी पाई गई हैं, जो हाई रिस्क वाली हैं.
इन वल्नेरेबिलिटी की वजह से DoS (डिनायल ऑफ सर्विस) का सामना करना पड़ सकता है और हैकर्स सिस्टम पर आर्बिट्रेरी कोड एक्जीक्यूट कर सकते हैं.
आर्बिट्रेरी कोड रन कराने का मतलब है कि सिस्टम कॉम्प्रोमाइज हो सकता है, जिसकी मदद से अटैकर्स आपका डेटा हासिल कर सकते हैं.
हैकर्स आपने पासवर्ड, बैंकिंग क्रेडेंशियल्स और दूसरी पर्सनल डिटेल्स को एक्सेस कर सकेंगे. ये वल्नेरेबिलिटी क्रोम के मैक, Linux और Windows सभी वर्जन में पाई गई हैं.
CERT-In के मुताबिक, ये खामियां Google Chrome में V8 और Skia में हीप बफर ओवरफ्लो में कंफ्यूजन की वजह से आई हैं.
इससे बचने के लिए आपको लेटेस्ट क्रोम ब्राउजर पर अपडेट कर लेना चाहिए. इसके लिए आपको कुछ स्टेप्स फॉलो करने होंगे.
इसके लिए आपको क्रोम ओपन करना होगा. फिर About Chrome में जाना होगा और अपडेट इंस्टॉल करना होगा. इसके बाद Chrome रिस्टार्ट करना होगा.