21 Jun 2024
सरकारी एजेंसी CERT-In ने Google Chrome यूजर्स के लिए वॉर्निंग जारी की है. साइबर सिक्योरिटी एजेंसी की ये वॉर्निंग हाई रिस्क वाली है.
CERT-In ने गूगल क्रोम में कई वल्नेरेबिलिटीज को पाया है, जो डेस्कटॉप यूजर्स को प्रभावित करेंगी. ये दिक्कत क्रोम के विंडोज और मैक दोनों ही वर्जन में है.
CERT-In की एडवाइजरी के मुताबिक, Windows, Linux और Mac के लिए Google Chrome के 126.0.6478.114/115 वर्जन से पहले के वर्जन प्रभावित हैं.
साइबर सिक्योरिटी एजेंसी का कहना है कि गूगल क्रोम यूजर्स को अपने ब्राउजर जल्द से जल्द अपडेट कर लेने चाहिए, जिससे वो साइबर अटैक से बच सकें.
साइबर सिक्योरिटी एजेंसी ने 19 जून को इस बारे में एडवाइजरी जारी की है. गूगल क्रोम में ये खामी कई वजहों से आई है.
एजेंसी ने बताया कि खामी की वजह V8 में टाइप कंफ्यूजन, वेब असेंबिली में गलत इम्प्लीमेंटेशन और दूसरी वजहों से हुई है.
इन वल्नेरेबिलिटीज का इस्तेमाल करके रिमोट अटैकर यूजर्स को निशाना बना सकते हैं. इनकी मदद से किसी सिस्टम में आर्बिट्रेरी कोड एक्जीक्यूट कराया जा सकता है.
इसके अलावा CERT-In ने कुछ वक्त पहले Pixel फोन्स में भी खामी पाई थी. इसके लिए भी एजेंसी ने वॉर्निंग जारी की थी.
अगर आप भी अपने लैपटॉप में गूगल क्रोम यूज करते हैं, तो तुरंत ही आपको इसे अपडेट कर देना चाहिए. जिससे आप साइबर अटैक का शिकार ना हों.