इन दिनों साइबर फ्रॉड के कई मामले देखने को मिले हैं, जिनमें AI का यूज हो रहा है. ऐसा ही एक फ्रॉड AI क्लोन्ड वॉयस कॉल्स का है. जिसमें स्कैमर्स आपके अपने बनकर ठगी कर रहे हैं.
कई मामले सामने आए हैं, जिसमें स्कैमर्स AI की मदद से किसी की वॉयस को क्लोन करते हैं और फिर लोगों को फोन करके पैसे मांगते हैं.
आप इस तरह के साइबर फ्रॉड्स से बच सकते हैं. इसमें आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा. स्कैमर्स एक पैटर्न फॉलो करते हैं, जिस पर ध्यान देकर आप बच सकते हैं.
अगर आपको अप्रत्याशित कॉल आती है, तो आपको सावधान होना चाहिए. स्कैमर्स अक्सर ऐसे वक्त पर कॉल करते हैं, जब लोग व्यस्त होते हैं या फिर जब आपको कॉल की उम्मीद नहीं होगी.
उनकी टाइमिंग बहुत ही ऑड होगी. ऐसे में अगर आपको कोई ऐसी कॉल आए, जिसके लिए आप तैयार ना हों, तो उसकी जांच करके ही कोई फैसला लें.
स्कैमर्स जब भी आपको कॉल करेंगे, तो आप पर जल्द फैसला लेने का दबाव बनाएंगे. मसलन वो बताते हैं कि आपके चाहने वाले मुसीबत में हैं और उन्हें जल्द मदद की जरूरत है.
साइबर फ्रॉड्स लोगों को फंसाने के लिए कई बार कहते हैं कि उनका बैंक अकाउंट कॉम्प्रोमाइज हो गया है और तुरंत ऐक्शन लेने की जरूरत है.
भले ही AI वॉयस क्लोनिंग बहुत बेहतर हो गयी है, लेकिन अभी भी ये परफेक्ट नहीं है. इसके बातचीत का तरीका असामान्य होता है. इस पर ध्यान देने पर आपको रोबोटिक कॉल का पता चल जाएगा.
स्कैमर्स जब भी इस तरह की कॉल करेंगे, तो आपसे पैसे मांगेंगे या फिर बैंक डिटेल्स पूछेंगे. फ्रॉड्स आपको फंसाने के लिए तमाम कोशिश करेंगे.
अनजान नंबर पर कोई भी डिटेल शेयर ना करें. अगर बहुत जरूरी लग रहा हो, तो उस नंबर को आइडेंटिफाई जरूर करें. इसके लिए आप कॉलर से सवाल कर सकते हैं.
फैसला लेने की जल्दबाजी ना करें. अपना वक्त लेकर ही किसी नतीजे पर पहुंचे. अगर कॉल स्कैमर की है, तो उसे रिपोर्ट जरूर करें.