भारत समेत दुनियाभर में कई लोग लोग Deepfake की चपेट में आ चुके हैं. नेता से लेकर अभिनेता तक इसके शिकार हो चुके हैं.
Deepfake एक तरह का डुप्लीकेट फेस, वॉयस या एक्सप्रेशन तैयार करता है. इसकी मदद से कई साइबर ठग लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं.
आज हम आपको Deepfake के कुछ टाइप के बारे में बताने जा रहे हैं. साथ ही उनसे बचाव के तरीके भी बताने जा रहे हैं.
यह सबसे कॉमन फॉर्म है, जहां एक चेहरे को दूसरे व्यक्ति के चेहरे के साथ एक्सचेंज किया जाता है. इसके बाद स्कैमर्स या शरारती तत्व उसे अपनी मर्जी से यूज़ कर सकते हैं.
डीपफेक के इस फॉर्म में एक सिंथेटिक वॉयस तैयार की जाती है, जो एक तरह से किसी दूसरे की मिमिकरी करना है. इससे फर्जी वॉयस और हेल्प के नाम पर ठगी कर सकते हैं.
AI- जनरेट टेक्स्ट जैसे आर्टिकल, सोशळ मीडिया पोस्ट और अन्य किसी ईमेल के जरिए आपको ठगा जा सकता है. इसमें एक फर्जी ईमेल तैयार करके आपको ठगा जा सकता है.
डीप लर्निंग टेक्निक की मदद से आपकी बॉडी मूवमेट, जेस्चर, एक्सप्रेशन की मदद से एक फेक वीडियो तैयार करते हैं, उससे लोगों को ठगने का काम करते हैं.
ऐसे में आपको लगेगा कि सामने वाला आपसे कुछ कहना चाहता है, लेकिन असल में वह कुछ नहीं कहता है और वह फेक वीडियो होता है. इस जाल में फंसकर कई लोग अपने लाखों गंवा चुके हैं.
डीपफेक वीडियो में आपको चेहरे के चारों तरफ कोई ब्लर एलीमेंट नजर आएगा, तो वह डीपफेक हो सकता है. हालांकि कुछ एडवांस टूल में ये भी नजर नहीं आता है.