03 April 2025
दिल्ली के एक शख्स ओम वत्स ने ग्रॉसरी डिलिवरी बॉय और उनकी कमाई को जानने के लिए Zepto और Blinkit राइ़डर के रूप में एक हफ्ते काम किया.
काम करने के बाद ओम वत्स ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के लिए जरिए बताया कि एक राइडर की कितनी कमाई होती है और दोनों में क्या सुधार की जरूरत है.
वत्स ने बताया कि स्टोर कंडीशन के मामले में जैप्टो ब्लिंकिट से बेहतर है लेकिन एक राइडर होने का एक्सपीरिएंस ब्लिंकिट में बेहतर रहा.
वत्स के अनुसार, ब्लिंकिट में राइडर्स की सेफ्टी के लिए इन-ऐप फैसिलिटी है जो राइडर्स को असुरक्षित क्षेत्रों और खराब सड़क की स्थिति की रिपोर्ट करने की अनुमति देता था, जबकि जैप्टो में ऐसा नहीं है.
Blinkit और Zepto दोनों में ही जब कोई ऑर्डर दिया जाता है, तो उसे पैकर्स की एक टीम द्वारा पैक किया जाता है और एक निर्दिष्ट क्षेत्र (जिसे पिजन होल कहा जाता है) में पिकअप के लिए तैयार किया जाता है.
राइडर एक मिनट के भीतर ऑर्डर को तेजी से इकट्ठा करता है और डिलीवर करने के लिए तैयार हो जाता है. राइडर को ऐड्रस दिया जाता है लेकिन कस्टमर का नंबर राइडर्स को नहीं बताया जाता.
उन्होंने बताया कि जैप्टो अपने बार कोड को QR कोड में बदल सकता है ताकि डायरेक्ट पेमेंट हो और समय भी बचे.
वहीं, ब्लिंकिट को लेकर ओम वत्स ने कहा, 'ब्लिंकिट को काफी सुधार करने की जरूरत है. यहां सामान की क्रॉस चेकिंग ठीक से नहीं होती साथ ही ऑर्डर पिकअप फैसिलिटी भी कुछ खास नहीं है."
ब्लिंकिट और जैप्टो दोनों ने अभी तक वायरल पोस्ट पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया नहीं दी है.
Zepto को लेकर उन्होंने यह भी कहा कि मैंने 3.4 किलोमीटर की राइड ली थी लेकिन पैसा मुझे सिर्फ 1.4 किलोमीटर का ही मिला लेकिन ब्लिंकिट के साथ ऐसा नहीं था.
हालांकि जब एक शख्स ने पोस्ट में ओम वत्स से कमाई के बारे में पूछे तो उन्होंने कहा कि दोनों ही कंपनियों में बराबर कमाई होती है. किलोमीटर के हिसाब से बराबर पैसा मिलता है.
इसके अलावा ओम वत्स ने बताया कि जैप्टो में ऑर्डर डिलिवर करने के बाद राइडर को प्रूफ भी देना होता है लेकिन ब्लिंकिट के साथ ऐसा नहीं है.
वत्स ने ये भी बताया कि ब्लिंकिट ने उन्हें पहले दिन ही कंपनी की टी-शर्ट दे दी थी लेकिन जैप्टो ने उन्हें दो हफ्ते रुकने के लिए कहा था.
Credit: All Images are AI Generated
ब्लिंकिट के पास एक फ्लीट कोच भी है जिसे राइडर किसी भी मदद के लिए कॉल कर सकता है और वे नियमित बैठकें आयोजित करते हैं, लेकिन ज़ेप्टो के पास ऐसा कुछ नहीं है.
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