इस राजा को अमर होने का था ऐसा जुनून, मृत्यु शब्द पर लगा दिया था बैन

02 February 2025

राजा-महाराजाओं से जुड़े किस्से काफी दिलचस्प होते हैं. कुछ अपने शौक के लिए, तो कुछ अपने अजीब आदतों और कुछ अपने जुनून के लिए आज भी जाने जाते हैं. (तस्वीर AI जेनरेटेड और प्रतीकात्मक है)

Credit: AI

दुनियाभर में कई ऐसे राजा हुए, जिनसे जुड़ी कहानियां आज भी कही और सुनी जाती है. ऐसे ही एक सम्राट चीन में हुए, इनका नाम था किन शिउ हुआंग.  (तस्वीर AI जेनरेटेड और प्रतीकात्मक है)

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इन्हें चीन का पहला सम्राट कहा जाता है, क्योंकि इन्होंने ने ही 221 ईसा पूर्व में देश को एकीकृत किया था.  (तस्वीर AI जेनरेटेड और प्रतीकात्मक है)

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किन शिउ हुआंग पर एक अजीब जुनून सवार था. वो अमर होना चाहते थे. इसमें वह इतने डूब गये थे कि उन्होंने मृत्यु शब्द को ही प्रतिबंधित कर दिया था.  (तस्वीर AI जेनरेटेड और प्रतीकात्मक है)

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अमरता के लिए वो हमेशा ऐसी किसी औषधी की तलाश में रहते थे.  इस वजह से वे हमेशा वैद्यों, जादूगरों, तांत्रिकों, कीमियागरों आदि से घिरे रहते थे.  (तस्वीर AI जेनरेटेड और प्रतीकात्मक है)

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ऐसे किसी भी औषधी की खोज में वह दूर-दूर तक अलग-अलग जगहों की यात्रा करते रहते थे. साथ ही उम्र को रोकने के नाम पर पारा जैसी चीज भी खा लेते थे.  (तस्वीर AI जेनरेटेड और प्रतीकात्मक है)

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उन्हें बस ऐसे किसी शख्स की तलाश थी जो उन्हें अमृत दे सकें या फिर हमेशा जीवित रहने का कोई फॉर्मूला बता सके.  (तस्वीर AI जेनरेटेड और प्रतीकात्मक है)

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इसी अमरता की खोज में हुआंग बीमार हो गए और 49 वर्ष की आयु में उनकी मृत्यु हो गई.  (तस्वीर AI जेनरेटेड और प्रतीकात्मक है)

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जब आधुनिक समय में पुरातत्वविदों को हुआंग की कब्र मिली तो उसमें पारा की सांद्रता काफी थी. इससे दावा किया कि वो पारा का सेवन करते थे.  (तस्वीर AI जेनरेटेड और प्रतीकात्मक है)

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