जलवायु परिवर्तन के कारण इस वक्त पूरी दुनिया में बुरा हाल है. लेकिन इससे पानी और पर्यावरण को बचाने के लिए कोशिशें भी तेज हो गई हैं.
इस वक्त दुनिया भर में पांच प्रोजेक्ट्स को अर्थशॉट प्राइज के तहत करीब 50 करोड़ रुपये मिलेंगे. ये पुरस्कार पर्यावरण को हो रहे नुकसान का हल ढूंढने के लिए दिया जाता है.
ऐसा ही एक प्रोजेक्ट है, जिसके तहत समंदर में खेती की जा रही है. उसमें कुछ उगाया जा रहा है. ये बिजनेस दक्षिणी इंग्लैंड में पानी के भीतर किया जा रहा है.
इस खेती के बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं. पहली फसल सामने आते ही लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. यहां समुद्री शैवाल की खेती हो रही है.
ये कम कार्बन का उत्सर्जन करता है. इसे जानवरों को बतौर चारे के तौर पर जब दिया जाए, तो कम मिथेन निकलती है. ये बिजनेस धीरे धीरे विकसित हो रहा है.
हालांकि ये काम कई चुनौतियों से भरा हुआ है. लेकिन इस सी वीड (समुद्री शैवाल) इंडस्ट्री में आर्थिक और पर्यावरण से जुड़ी तमाम संभावनाएं भी हैं. इससे कई चीजें बनाई जा सकती हैं.
बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, लोगों को सी वीड फर्टिलाइजर काफी पसंद आ रहे हैं. ये सभी सब्जियों पर काम करता है.
एक नॉर्टप्ला नाम की कंपनी ने बीते साल इस प्राइज को जीता था. उसे लाखों रुपये मिले. ये समुद्री शैवाल को बायोडिग्रेडेबल चीज में बदलते हैं.
जिससे इसका इस्तेमाल पैकेजिंग के तौर पर किया जा सकता है. बता दें, ब्रिटेन के प्रिंस विलियम ने खुद इसमें निवेश किया है.