9 Feb 2025
Credit-@sharon_milliman
इस दुनिया में कभी-कभी कुछ ऐसा होता है, जिस पर यकीन करना मुश्किल होता है, और उसका रहस्य अनसुलझा ही रह जाता है. ऐसी ही एक महिला की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.
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62 साल की शेरोन मिलिमैन का दावा है कि वह अब तक चार बार मौत को करीब से देख चुकी हैं. डेली स्टार को अपनी कहानी बताते हुए वह कहती हैं कि मैं चार बार मौत को छूकर वापस आई...
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हर बार जो अनुभव हुआ, वह ऐसा लगा जैसे भगवान मुझसे कुछ कहना चाहते हों. वे मुझे उस दुनिया की झलक दिखाकर संसार को एक संदेश देना चाहते हों.
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शेरोन की पहली मौत का अनुभव तब हुआ, जब वह 13 साल की थीं. वह अपनी मां के साथ तैर रही थीं, तभी अचानक वह डूबने लगीं. इस दौरान उन्होंने महसूस किया कि उनकी आत्मा शरीर से निकलकर ऊपर उठ रही थी.
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अपना अनुभव बताते हुए वो कहती हैं कि शरीर पानी में डूब रहा था. लेकिन उन्हें ना तो दर्द हुआ, ना ही डर लगा. बाद में लाइफगार्ड्स ने उन्हें बचा लिया और CPR देकर होश में लाया.
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43 साल की उम्र में, शेरोन पर आकाशीय बिजली गिर गई. जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तो फिर से उनकी आत्मा शरीर छोड़कर स्वर्ग की ओर चली गई. इस बार जब उन्होंने होश संभाला, तो वह पूरी तरह से असहज और चकित थीं.
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तीसरी बार यह घटना तब हुई, जब सर्जरी के दौरान उनकी आत्मा फिर से शरीर से निकल गई. चौथी बार उन्हें गलत दवा दी गई, जिससे वह बेहोश हो गईं और उनकी आत्मा फिर से स्वर्ग तक पहुंच गई.
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शेरोन का दावा है कि हर बार जब उनकी आत्मा शरीर से बाहर गई, तब उन्होंने स्वर्ग को देखा. उन्होंने जो बातें बताईं, वह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगतीं!
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उनके सामने तेज रोशनी आई, जो धीरे-धीरे बड़ी होती गई और फिर उन्हें अपनी बाहों में लपेट लिया.
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उन्होंने गुलाबी और सुनहरे रंग के बेहद खूबसूरत बादल देखे. वहा एक सोने की किताब रखी थी, जिसमें अजीब तरह की अनजानी भाषा लिखी थी. यह एक ऐसी जगह थी, जहां दिमाग में किसी भी तरह की असुरक्षा नहीं थी, सिर्फ सकारात्मकता ही थी.
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वैज्ञानिकों का मानना है कि नियर-डेथ एक्सपीरियंस (NDE) एक मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया हो सकती है, जहां ऑक्सीजन की कमी के कारण दिमाग में असामान्य दृश्य उत्पन्न हो सकते हैं.
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वैज्ञानिकों का मानना है कि नियर-डेथ एक्सपीरियंस (NDE) एक मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया हो सकती है, जहां ऑक्सीजन की कमी के कारण दिमाग में असामान्य दृश्य उत्पन्न हो सकते हैं.
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