03 April 2025
तिहाड़ जेल के बारे में जानने के लिए अक्सर लोगों के मन में उत्सुक्ता रहती है. यह एशिया की सबसे बड़ी जेल है.
दिल्ली की तिहाड़ में कुल 9 जेल हैं, जिनमें से सबसे रहस्यमयी है जेल नबंर 4.
जेल नंबर 4 को लेकर कई भूतियां कहानियां हैं, माना जाता है कि यहां मौजूद कई कैदियों ने डरावनी चीजें महसूस की हैं.
तिहाड़ जेल में जहां कैदियों को फांसी दी जाती है, वहां से कमरा नंबर 3 बहुत पास है. यही वही कमरा है जहां कुछ साल पहले एक कैदी ने अपने साथी कैदी को माकर यह कहा था कि किसी आत्मा ने उसे ऐसा करने के लिए कहा था.
इसके अलावा कुछ कैदियों का कहना है सोते वक्त कई बार किसी ने उनका कंबल खींचा लेकिन जब उन्होंने उठकर देखा तो वहां कोई नहीं था.
ट्रिपल मर्डर के आरोपी ने जमानत ने बाहर आकर कहा था, 'मैं करीब 15 महीने तक तिहाड़ जेल में बंद रहा फिर मुझे जमानत मिल गई.
जब मैं जेल में दाखिल हुआ, तो मैंने भूतों के बारे में कहानियां सुनीं. मुझे लगा कि मुझे धमकाया जा रहा है.
कुछ दिनों बाद, मैंने रात में असामान्य आवाज़ें सुनीं. हालांकि मैंने इसे किसी को नहीं बताया. लेकिन कुछ दिनों बाद, मुझे लगा जैसे किसी ने मुझे थप्पड़ मारा है.
यही वह दिन था जब मैंने अधिकारियों के सामने इस मुद्दे को उठाने का फैसला किया लेकिन किसी ने मुझपर विश्वास नहीं किया.'
आजतक सीसीटीवी कैमरों में कुछ भी असामान्य नहीं कैद हुआ है लेकिन तिहाड़ में कई कैदियों ने आत्महत्या की है और कुछ की मौत हो गई है. परिसर में फांसी भी लगाई गई है.
कैदियों का दावा है कि उन्होंने मकबूल बट का भूत देखा है, जो एक कश्मीरी अलगाववादी था जिसे 1984 में फांसी दी गई थी.
वे यह भी कहते हैं कि 2013 में फांसी पर लटकाए गए एक अन्य कश्मीरी अलगाववादी अफजल गुरु का भूत भी उन्हें सताता है.
सर गंगा राम अस्पताल के मनोचिकित्सा विभाग के अध्यक्ष राजीव मेहता ने कहा कि हाई स्ट्रेस के कारण बुरे सपने और इस तरह के अनुभवों का कारण हो सकता है.
तिहाड़ पीआरओ राज कुमार ने कैदियों के दावों को अफवाह करार देते हुए खारिज कर दिया.
Credit: All Image are AI Generated (Meta AI)