क्यों वॉशिंग मशीन में सिल्वर फॉइल का टुकड़ा डाल रहे लोग? क्या है इसका कारण

04 Oct 2024

Credit:@Andreajeanco

सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हो रहे हैं जिसमें वॉशिंग मशीन में एल्यूमिनियम या सिल्वर फॉयल का इस्तेमाल किया जा रहा है. 

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वीडियो में दावा किया गया है कि इस तरीके से कपड़े धोने के बाद वे न केवल पूरी तरह साफ हो जाते हैं, बल्कि बिना सलवटों के सीधे और तैयार भी हो जाते हैं.

Credit:@pexel

इस ट्रिक के लिए एल्यूमिनियम या सिल्वर फॉयल के कुछ टुकड़ों को टेनिस बॉल के आकार में रोल करना होता है, फिर उन्हें कपड़ों के साथ वॉशिंग मशीन में डाल दिया जाता है..

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फॉयल बॉल्स वॉशिंग मशीन में घूमते समय कपड़ों की सतह को हल्के से रगड़ती हैं, जिससे सलवटें कम होती हैं और कपड़े बिना आयरन के सीधे नजर आते हैं.

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ड्रायर में कपड़े सुखाते समय भी इन फॉयल बॉल्स का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे स्थैतिक बिजली का असर खत्म होकर कपड़े नरम और जैसे-आयरन किए हुए महसूस होते हैं.

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 इसके पीछे साइंस ये है कि वॉशिंग मशीन और ड्रायर में कपड़े रगड़ने से इलेक्ट्रॉन का स्थानांतरण होता है, जिससे स्थैतिक चार्ज बनता है और कपड़े एक-दूसरे से चिपक कर सलवटें बना लेते हैं.

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फॉयल कंडक्टर होने के कारण चार्ज को बहा सकता है. जब कपड़े फॉयल बॉल्स के संपर्क में आते हैं, तो चार्ज संतुलित होकर स्थैतिक बिजली घट जाती है.

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ड्रायर में फॉयल बॉल्स कपड़ों का चार्ज समाप्त कर देती हैं. इससे सलवटें कम होती हैं, और बिना आयरन किए सीधे दिखाई देते हैं.

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