01 01 2024

शराब से कैसे जुड़ा काले कुत्ते और बंदर का नाम, जानिए 'Black dog' और 'Monkey Shoulder' की कहानी

अगर आप शराब के शौकीन हैं तो आपने Black dog और Monkey Shoulder व्हिस्की का नाम जरूर सुना होगा.

लेकिन क्या आपने सोचा है कि इन व्हिस्की का नाम जानवर के नाम पर क्यों रखा गया. इसके पीछे बेहद दिलचस्प वजह हैं. आइए जानते हैं.

मंकी शोल्डर की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, यह नाम मॉल्ट व्हिस्की बनाने की पारंपरिक प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है.

इसे बनाने के लिए कुछ लोग मॉल्टेड बार्ले यानी जौ को भारी भरकम फावड़ों से पलटते थे.

इन लोगों को मॉल्ट मेन (Malt Men) कहते थे. कहते हैं कि सालों तक ऐसे काम करने के बाद कुछ मॉल्ट मेन को शारीरिक चोटें आईं.

इसकी वजह से ये लोग सामान्य स्थिति में भी अपने कंधों को उछकाकर हाथों को एक खास अंदाज में लटकाए रहते थे, जो कुछ-कुछ दिखने में बंदरों जैसे नजर आता था.

इन लोगों ने इस अस्थाई व्याधि को मंकी शोल्डर (Monkey Shoulder) नाम दिया.

कंपनी का कहना है कि व्हिस्की तैयार करने की उस परंपरा के सम्मान में ही उन्होंने इस ब्रांड का नाम मंकी शोल्डर (Monkey Shoulder) रखा है.

ब्लैक डॉग व्हिस्की की बात करें तो कंपनी की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, मिलर्ड मछली पकड़ने के बहुत शौकीन थे.

मछली पकड़ने के लिए वह एक स्पेशल किस्म का कांटा 'फिशिंग फ्लाई' का इस्तेमाल करते थे.

इस फिशिंग फ्लाई को ही ब्लैक डॉग कहते हैं. अगर आप गौर करेंगे तो पाएंगे कि ब्लैक डॉग व्हिस्की की बोतल पर नाम के ठीक ऊपर मछली पकड़ने का वो कांटा एक लोगो की तरह बना हुआ है.

इसी फिशिंग फ्लाई से प्रेरित होकर व्हिस्की मेकर मिलर्ड ने 1883 में इस शराब ब्रांड की शुरुआत की.

तो आप समझ गए होंगे इस मशहूर स्कॉच व्हिस्की ब्रांड को यह नाम कैसे मिला