पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के केलॉग कॉलेज में दिए गए भाषण के दौरान भारी हंगामा हुआ. स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के छात्र नेताओं ने 'गो बैक' के नारे लगाए और आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज से जुड़े मुद्दे पर सवाल किए.
छात्रों द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में ममता बनर्जी ने कहा, 'यह मामला अदालत में है, यह केस केंद्र सरकार के पास है. यहां राजनीति मत करो, यह मंच राजनीति के लिए नहीं है. आप झूठ बोल रहे हैं, इसे राजनीतिक मंच मत बनाइए. आप बंगाल जाइए और अपनी पार्टी को और मजबूत कीजिए.
इसी दौरान ममता बनर्जी ने भीड़ की तरफ एक फोटो दिखाते हुए कहा कि आप मेरी यह तस्वीर देखिए, मुझे मारने की कोशिश कैसे की गई थी.
दर्शकों के सवालों से घिरीं ममता
इसके अलावा, जब ममता बनर्जी ने दावा किया कि बंगाल में लाखों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं, तो एक दर्शक ने उनसे विशेष निवेशों का नाम बताने को कहा. इस पर ममता ने जवाब दिया, 'बहुत सारे हैं…' इससे पहले कि वह विस्तार से बता पातीं, दूसरे लोगों ने उस व्यक्ति को चुप रहने के लिए कह दिया, यह तर्क देते हुए कि यह कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं है.
'मुझे बोलने दें, संस्थान का अपमान न करें'
ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें अपनी बात रखने का मौका दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, 'आप मुझे बोलने दें. आप मेरा नहीं, बल्कि अपने संस्थान का अपमान कर रहे हैं. ये लोग हर जगह ऐसा करते हैं, जहां भी मैं जाती हूं. मैं हर धर्म का समर्थन करती हूं. मैं हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी का सम्मान करती हूं. केवल एक जाति का नाम मत लीजिए, सभी का नाम लीजिए. आप लोग जो कर रहे हैं, वह सही नहीं है. मेरे अल्ट्रा लेफ्ट और सांप्रदायिक मित्रों, यह राजनीति मत करो.'
'मैं सिर्फ जनता के सामने सिर झुकाऊंगी'
जब कुछ दर्शकों ने 'गो अवे' के नारे लगाए, तो ममता बनर्जी ने आत्मविश्वास से कहा, 'दीदी को कोई फर्क नहीं पड़ता. दीदी साल में दो बार आएगी और रॉयल बंगाल टाइगर की तरह लड़ेगी.' इसके अलावा, उन्होंने कहा, 'अगर आप कहें तो मैं आपके कपड़े धो दूंगी, आपके लिए खाना बना दूंगी. लेकिन अगर कोई मुझे झुकाने की कोशिश करेगा या मजबूर करेगा, तो मैं नहीं झुकूंगी. मैं केवल जनता के सामने सिर झुकाऊंगी.'
SFI-UK ने लिया प्रदर्शन की जिम्मेदारी
इस विरोध प्रदर्शन की जिम्मेदारी SFI-UK (स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया - यूके) ने ली है. संगठन ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट में लिखा, 'हम पश्चिम बंगाल के छात्रों और श्रमिक वर्ग के समर्थन में ममता बनर्जी और टीएमसी के भ्रष्ट, अलोकतांत्रिक शासन के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं.'
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल की राजनीति को सुर्खियों में ला दिया है, खासकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की विदेश यात्राओं के दौरान हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर नए सिरे से बहस छेड़ दी है.