सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में 25,753 शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की नियुक्तियों को अवैध करार दिया है. यह फैसला 2016 में हुई भर्तियों को लेकर आया है. इस फैसले के बाद कोलकाता में प्रदर्शन हो रहे हैं, जहां पुलिस प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही है. कई शिक्षक, जो खुद को निर्दोष मानते हैं, इस फैसले से परेशान हैं.