सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले में कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है. इस फैसले के तहत 25,753 शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द कर दी गई हैं. जिन उम्मीदवारों को रिश्वत या सिफारिश के आधार पर नौकरी मिली, उन्हें पिछले 9 साल की तनख्वाह वापस करनी होगी.