भारतीय वायुसेना का नया लड़ाकू विमान राफेल और पुराने फाइटर जेट्स संयुक्त अरब अमीरात के रेगिस्तानों में 3 मार्च यानी आज से गरज रहे हैं. ये अगले 24 दिन तक गरजते रहेंगे. अपने युद्ध कौशल से दुश्मनों को दिखाते रहेंगे कि भारत की सेनाएं किसी से कमजोर नहीं हैं. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में डेजर्ट फ्लैग-6 (Desert Flag-6) वॉरफेयर एक्सरसाइज शुरू हुई है. इसमें भारत, अमेरिका, फ्रांस, संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण कोरिया, बहरीन और सऊदी अरब की वायुसेनाएं भाग ले रही हैं. एक्सरसाइज 27 मार्च तक चलेगी. (प्रतीकात्मक फोटोःगेटी)
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अल-दर्फा एयरबेस में चल रहे इस युद्धाभ्यास में भारत का नया नवेला और घातक लड़ाकू विमान राफेल भी पहुंचा है. इसके अलावा भारतीय वायुसेना के 6 सुखोई लड़ाकू विमान, दो C-17 ग्लोबमास्टर, एक IL-78 टैंकर और 150 एयरफोर्स ऑफिसर पहुंचे हैं. (प्रतीकात्मक फोटोःगेटी)
इस संयुक्त वायुसैनिक युद्धाभ्यास में सुखोई के अलावा फ्रांस से राफेल और अमेरिका से F-16 फाइटर जेट्स भी पहुंचे हैं. इस वॉरफेयर एक्सरसाइज में सभी देशों की वायुसेनाएं एक नकली हवाई युद्ध का माहौल बनाएंगी. उसके बाद एक साथ इससे निपटने की कोशिश करेंगी. इससे सभी सेनाओं को नई तकनीक और रणनीति सीखने का मौका मिलेगा. (प्रतीकात्मक फोटोःगेटी)
डेजर्ट फ्लैग-6 (Desert Flag-6) वॉरफेयर एक्सरसाइज के जरिए इन सात देशों के बीच आपसी संबंध भी मजबूत होंगे. साथ ही एक-दूसरे की रणनीतिक नीतियों के बारे में समझने का मौका मिलेगा. इस एक्सरसाइज के जरिए सातों देशों को एक-दूसरे के ऑपरेशनल्स सिस्टम को परखने और समझने का मौका भी मिलेगा. (प्रतीकात्मक फोटोःगेटी)
भारत ने 10 साल के अंदर दो अंतरराष्ट्रीय स्तर के युद्धाभ्यास में भाग लिया है. इसमें 2018 में ऑस्ट्रेलिया में हुए पिच ब्लैक और 2016 में अमेरिका में आयोजित रेड-फ्लैग युद्धाभ्यास शामिल है. इन दोनों जगहों पर दुनिया की सबसे बेहतरीन वायुसेनाओं ने भाग लिया था. (प्रतीकात्मक फोटोःगेटी)
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ भारत ने हाल ही में द्विपक्षीय नौसैनिक एक्सरसाइज In-UAE BILAT और द्विपक्षीय वायुसैनिक एक्सरसाइज डेजर्ट ईगल-2 (Desert Eagle-2) में भाग लिया था. इसके अलावा भारत हाल ही में NAVDEX 21 (Naval Defence Exhibition) और IDEX 21 (International Defence Exhibition) में भी शामिल हुआ था. (प्रतीकात्मक फोटोःगेटी)