डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में सत्ता हस्तांतरण की तमाम रस्म अदायगी नहीं की. ट्रंप ना तो जो बाइडेन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए और ना ही उनसे मिलकर उन्हें बधाई दी. लेकिन ट्रंप ने व्हाइट हाउस छोड़ने से पहले अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडेन के लिए खुले दिल से एक चिठ्ठी जरूर लिखी है. बाइडेन ने खुद इसकी जानकारी दी है.
ओवल ऑफिस में पहले दिन कई आदेशों पर हस्ताक्षर करने के बाद बाइडेन ने पत्रकारों से बात की. बाइडेन ने कहा, राष्ट्रपति ट्रंप ने खुले दिल से मुझे एक चिठ्ठी लिखी है. हालांकि, बाइडेन ने कहा कि ट्रंप ने चिठ्ठी में क्या लिखा है, इसकी जानकारी वो अभी नहीं दे सकते हैं. बाइडेन ने कहा कि ये निजी बातचीत है इसलिए ट्रंप से बात किए बगैर वो चिठ्ठी को लेकर ज्यादा कुछ नहीं बताएंगे.
ट्रंप के एक वरिष्ठ सहयोगी ने सीएनएन से बातचीत में कहा कि ये एक पर्सनल नोट था. ट्रंप के सहयोगी ने बताया कि इस चिठ्ठी में देश और नए प्रशासन की सफलता की दुआ की गई है. सूत्र ने बताया कि ट्रंप के ओवल ऑफिस में आखिरी रात को किए जाने वाले कामों की लिस्ट में बाइडेन को चिठ्ठी लिखना भी शामिल था.
अमेरिका में ये एक आधुनिक परंपरा है कि विदा हो रहे राष्ट्रपति नए राष्ट्रपति के लिए ओवल ऑफिस में एक चिठ्ठी छोड़कर जाते हैं. हालांकि, ट्रंप ने व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद बाइडेन को लिखी चिठ्ठी के बारे में कोई जिक्र नहीं किया.
एक सूत्र के मुताबिक़, ट्रंप ने बाइडेन को जो चिठ्ठी लिखी, उसे अपने कई सहयोगियों को भी नहीं दिखाया. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी जनरल जेन साकी से बुधवार रात को हुई प्रेस कॉन्फ़्रेंस में जब चिठ्ठी को लेकर सवाल किया गया तौ उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. जेन ने कहा कि जैसा कि बाइडेन ने बताया है कि ये एक प्राइवेट नोट है और इसमें काफी अच्छी बातें लिखी हुई हैं. हालांकि, बाइडेन ने ट्रंप से बात किए बगैर इसे जारी करने से इनकार किया है.
साल 2017 में ट्रंप जब राष्ट्रपति बने थे तो अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी उनके लिए एक नोट छोड़ा था. ट्रंप इस चिठ्ठी को पढ़कर इस कदर उत्साहित हो गए थे कि उन्होंने तुरंत ओबामा से बात करने के लिए फोन लगा दिया था. हालांकि, उस वक्त ओबामा फ्लाइट में थे इसलिए वो कॉल रिसीव नहीं कर सके थे.
जब ओबामा के एक सहयोगी ने व्हाइट हाउस में फोन मिलाया तो एक स्टाफ ने कहा कि ट्रंप चिठ्ठी के लिए शुक्रिया अदा करना चाहते थे और ओबामा को एक मैसेज भी देना चाहते थे. हालांकि, दोनों नेताओं की फिर सीधी बात नहीं हो पाई.ट्रंप ने एबीसी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में इस चिठ्ठी को लेकर कहा था, ये लंबी चिठ्ठी थी, विचारशील और जटिल भी. इसे काफी समय देकर लिखा गया था और मुझे ये बहुत अच्छा लगा. बाद में ट्रंप ने ओवल ऑफिस के विजिटर्स को भी ओबामा की चिठ्ठी दिखाई थी.