अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी इस वक्त यूएई में हैं. यूएई के विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है. यूएई के विदेश मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी किए गए बयान में कहा गया है कि यूएई ने मानवीय आधार पर राष्ट्रपति अशरफ गनी और उनके परिवार का अपने देश में स्वागत किया है.
हालांकि, बयान में ये नहीं बताया गया है कि गनी यूएई के किस शहर में रह रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि यूएई की राजधानी अबू धाबी में गनी को देखा गया है. रिपोर्ट्स सामने आने के बाद यूएई के विदेश मंत्रालय ने भी गनी के अपने देश में होने की पुष्टि कर दी.
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने 15 अगस्त को काबुल पर तालिबान के कब्जे से पहले देश छोड़ दिया था. पहले बताया जा रहा था कि वह ताजिकिस्तान पहुंचे थे, लेकिन वहां पर उनकी फ्लाइट लैंड नहीं हो सकी. अशरफ गनी का कहना है कि उन्होंने देश इसलिए छोड़ा ताकि अफगानिस्तान में ज्यादा रक्तपात न हो. लेकिन अफगानिस्तान के नागरिक मुश्किल वक्त में उनके देश छोड़कर चले जाने को लेकर काफी नाराज हैं.
देश छोड़ने को लेकर हो रही आलोचना के बीच अशरफ गनी ने एक फेसबुक पोस्ट लिखकर सफाई भी पेश की थी. उन्होंने लिखा था, आज मेरे सामने कठिन विकल्प है. मुझे कठिन फैसला लेना पड़ा. मुझे तालिबान के सामने खड़ा रहना चाहिए. मैंने बीते 20 साल से अपनी जीवन यहां के लोगों को बचाने में बिताया है. मैंने अगर देश नहीं छोड़ा होता तो यहां की जनता के लिए अंजाम बुरे होते. तालिबानियों ने मुझे हटाया है. वो काबुल में यहां के लोगों पर हमले के लिए यहां आए हैं.
उन्होंने यह भी कहा था कि तालिबान ने हिंसा से लड़ाई जीत ली है. अब उनकी जिम्मेदारी है कि वो अफगानिस्तान के लोगों की रक्षा करे. उन्होंने लिखा कि खूनखराबे से बचने के लिए उन्हें अफगानिस्तान से जाना ही सही लगा.
हाई काउंसिल फॉर नेशनल रीकॉउंसिलेनशन के अध्यक्ष अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने गनी के मुल्क छोड़कर जाने की आलोचना की थी. उन्होंने कहा, "अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति ने अफगानिस्तान छोड़ दिया है...उन्होंने देश को उसके हाल पर छोड़ दिया. अल्लाह को उन्हें जवाब देना होगा." अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी सोमवार को अपने संबोधन में अफगानिस्तान की सरकार के गिरने के लिए अशरफ गनी को ही जिम्मेदार ठहराया. बाइडन ने कहा कि अफगान नेता अपने देश के भविष्य के लिए साथ आने में नाकाम रहे.
वहीं, रूस के दूतावास ने ये भी दावा किया है कि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी अकूत पैसा अपने साथ लेकर मुल्क से भागे हैं. समाचार एजेंसी आरआईए की रिपोर्ट के मुताबिक, अशरफ गनी चार कारों और एक हेलिकॉप्टर में कैश लेकर रवाना हुए. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
दूसरी तरफ, गनी की गैर-मौजूदगी में अफगानिस्तान के पहले उप राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने मंगलवार को खुद को कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित कर दिया है. अमरुल्ला सालेह ने ट्वीट कर संविधान के प्रावधानों का भी उल्लेख किया. उन्होंने ट्वीट में कहा कि अफगानिस्तान के संविधान के मुताबिक अगर राष्ट्रपति की अनुपस्थिति, पलायन या इस्तीफे की वजह से देश में राष्ट्रपति नहीं हैं तो पूर्व उपराष्ट्रपति, कार्यवाहक राष्ट्रपति बन जाता है.