भाला फेंक प्रतियोगिता में भारत के नीरज चोपड़ा और पाकिस्तान के अरशद नदीम फाइनल मुकाबले में पहुंचे हैं. 23 साल के नीरज चोपड़ा ने पहली ही कोशिश में क्वॉलिफाई के लिए 83.50 मीटर की सीमा को पार करते हुए 86.65 मीटर भाला फेंका. नीरज चोपड़ा क्वॉलिफाइंग लिस्ट में टॉप पर हैं. इसके साथ ही पाकिस्तान के अरशद नदीम 2018 में नीरज के साथ एशियन गेम में खेल चुके हैं, वह भी टोक्यो ओलंपिक के भाला फेंक प्रतियोगिता में क्वॉलिफाई होने में कामयाब रहे. अरशद दूसरी कोशिश में क्वॉलिफाई हुए हैं. अरशद नदीम 85.16 मीटर दूर भाला फेंक तीसरे नंबर हैं. नीरज चोपड़ा का भारत में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड 88.06 मीटर है.
वहीं, अरशद नदीम के बारे में कहा जा रहा है कि टोक्यो ओलंपिक में वो पाकिस्तान की आखिरी उम्मीद हैं. अरशद ग्रुप में बी में हैं और नीरज ग्रुप ए में. दोनों ग्रुप को मिलाकर कुल 12 खिलाड़ी फाइनल के लिए चुने गए हैं. क्वॉलिफाइंग मुकाबले में नीरज के बाद दूसरे नंबर पर जर्मनी के जोहनस वेटर (85.64m) और तीसरे नंबर पर पाकिस्तान के नदीम (85.16) हैं. सात अगस्त को फाइनल मुकाबला है. कहा जा रहा है कि मुकाबले में कांटे की टक्कर इन्हीं तीनों के बीच है.
भाला फेंक प्रतियोगिता में नीरज और अरशद के टोक्यो ओलंपिक के फाइनल में पहुंचने पर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है. सोशल मीडिया पर अरशद और नीरज की एक तस्वीर वायरल हो रही है. यह तस्वीर 2018 के एशियन गेम की है. कहा जा रहा है कि एक बार फिर से सात अगस्त को नीरज और अरशद की ऐसी तस्वीर दिख सकती है.
2018 की तस्वीर को तब भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने ट्वीट कर कहा था, ''खेल भावना आपको बराबरी, आदर और मानवता सिखाती है. हमारे चैंपियन एथलिट से कई लोग इस चीज को सीख सकते हैं.''
पाकिस्तान के पत्रकार शिराज हसन ने ट्वीट कर कहा है, ''भाला फेंक प्रतियोगिता में पाकिस्तान के अरशद नदीम का फाइनल में जाना बेहद सुखद अहसास है. अरशद ने पाकिस्तान के लिए मेडल की उम्मीद जिंदा रखी है. यह दिलचस्प होगा कि भारत के नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम सात अगस्त को फाइनल में आमने-सामने होंगे.''
अरशद को एशियन गेम्स में कांस्य पदक मिला था. नीरज चोपड़ा ने साल 2017 में जनवरी में दक्षिण अफ्रीका में हुई सेंट्रल नॉर्थ ईस्ट मीटिंग एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 87.86 मीटर जैवलिन थ्रो कर 85 मीटर के बेंचमार्क को पार कर टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई किया था. इससे पहले कोहनी की चोट के कारण उन्हें सर्जरी भी करानी पड़ी थी.
पिछली बार रियो में हुए ओलंपिक में जर्मनी के थॉमस रोहलर ने 90.30 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण, कीनिया के जूलियस येगो ने 88.24 मीटर के साथ रजत और त्रिनिदाद और टोबैगो के केशोरन वाल्कॉट ने 85.38 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता. ऐसे में अगर नीरज चोपड़ा अपना वर्तमान रिकार्ड थ्रो 88.07 मीटर ही दोहरा दें, तो उनसे टोक्यो में पदक की उम्मीद पूरी है.
हरियाणा के पानीपत में जन्मे 23 साल के नीरज चोपड़ा अंजू बॉबी जॉर्ज के बाद किसी विश्व स्तरीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय एथलीट है. उन्होंने पोलैंड में साल 2016 में हुई आईएसएसएफ U-20 विश्व चैंपियनशिप में यह उपलब्धि हासिल की.
साल 2016 में ही उन्होंने दक्षिण एशियाई खेलों में 82.23 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता. इसके बाद साल 2017 में उन्होंने 85.23 मीटर तक जैवलिन थ्रो कर एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीता था.