अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद काबुल एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है. दुनिया के तमाम देश अपने नागरिकों को निकालने की जद्दोजहद में जुटे हुए हैं. अमेरिका के बाइडेन प्रशासन ने कहा है कि वह अफगानिस्तान से लोगों को निकालने के अभियान को 31 अगस्त तक पूरा करने पर फोकस है. काबुल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अभी 5,800 अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं जो मुख्य रूप से अपने नागरिकों और 20 वर्ष तक अमेरिका की सहायता करने वाले अफगान नागरिकों को निकालने में लगे हैं. अमेरिकी सेना के जाने और काबुल पर तालिबान के काबिज होने के बाद दुनिया के कई गुट उत्साहित दिख रहे हैं.
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इसी क्रम में ब्रिटिश फिलिस्तीनी पत्रकार ने कहा है कि इजरायलियों को पता है कि एक दिन काबुल एयरपोर्ट जैसी हालत तेल अवीव स्थित बेन गुरियन एयरपोर्ट की भी होने वाली है. पत्रकार अब्देल बारी अतवान ने कहा कि इजरायल जानता है कि काबुल हवाई अड्डे का नजारा बेन गुरियन हवाई अड्डे पर दोहराया जाएगा. उन्होंने यह बात लेबनान के मायादीन टीवी पर प्रसारित एक इंटरव्यू में कही.
(एयरपोर्ट पहुंचने के लिए काबुल में लगा जाम, फोटो-AP)
British-Palestinian Journalist Abdel Bari Atwan: What Is Happening at Kabul Airport Will Repeat Itself at Ben Gurion Airport; Israelis Should Learn to Swim; Arafat Told Me in 1995 That I Would Live to See the Israelis Fleeing Palestine Like “Rats Fleeing a Sinking Ship" pic.twitter.com/Sp41KXOshk
— MEMRI (@MEMRIReports) August 23, 2021
फिलिस्तीनी पत्रकार अतवान ने कहा कि इजरायली तब देखेंगे कि बेन गुरियन हवाई अड्डे से कोई विमान उड़ान नहीं भर रहा होगा, और उन्हें भूमध्य सागर में भागने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.
(इजरायल हमले के लिए प्रदर्शन करते फिलिस्तीनी,फोटो-रॉयटर्स)
अतवान ने आगे कहा कि 1995 में, पीएलओ नेता यासिर अराफात ने उनसे वादा किया था कि वह दिन देखने को मिलेगा जब इजरायली फिलिस्तीन से भाग जाएंगे जैसे चूहे डूबते जहाज से भाग जाते हैं. अतवान ने कहा, 'आज, मुझे विश्वास है कि यह भविष्यवाणी सच होगी.'
(पीएलओ नेता यासिर अराफात, फोटो-Getty Images)
अब्देल बारी अतवान ने कहा, 'इजरायल आज भ्रम की स्थिति में है, दहशत की स्थिति में है. वे अच्छी तरह से जानते हैं कि काबुल हवाई अड्डे पर जो हुआ वह बेन गुरियन हवाई अड्डे पर दोहराया जाएगा. लेकिन बेन गुरियन हवाई अड्डा बंद रहेगा, वहां कोई विमान नहीं होगा.'
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अतवान ने कहा, 'उनके (इजरायलियों के) पास समुद्र से भागने के अलावा और कोई दूसरा रास्ता नहीं होगा. अल्लाह, उन्हें हसन नसरल्लाह की सलाह सुननी चाहिए और तैरना सीखना शुरू कर देना चाहिए, क्योंकि उनके लिए एकमात्र विकल्प साइप्रस होगा, उनके लिए एकमात्र विकल्प भूमध्य सागर होगा. अफगान लोगों के लिए काबुल एयर पोर्ट था. लेकिन इजरायलियों को भागने के लिए हवाई अड्डा नहीं मिलेगा.'
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अतवान ने कहा, "जुलाई 1995 में, मैं ट्यूनीशिया में यासर अराफ़ात से मिला था. उन्होंने कहा, 'अराफात ने मुझे बाहर टहलने की पेशकश की. रात का समय था, लगभग 1 बजे. इसलिए, हम टहलने के लिए निकले और उन्होंने मुझसे कहा, 'अल्लाह का शुक्र होगा, जब आप इजरायलियों को फिलिस्तीन से भागते हुए देखेंगे, जैसे चूहे डूबते हुए समुद्री जहाज से भागते हैं.
(फोटो-Getty Images)