अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबान (Taliban) के कब्जा करते ही बड़ी संख्या में लोग देश छोड़कर भाग रहे हैं. काबुल एयरपोर्ट (Kabul Airport) अफरा-तफरी के हालात हैं. अमेरिकी सेना काबुल में फंसे अपने लोगों को मिलिट्री विमानों (US Military Planes) से निकाल रही है, लेकिन इस बीच उन्हें मिसाइल हमले (Missile Attack) का डर सता रहा है.
(फोटो- पीटीआई)
ऐसे में मिसाइल हमले के खतरे को मात देने के लिए अमेरिकी सेना (US Army) ने एक खास प्लान तैयार किया है. जिसके तहत मिलिट्री प्लेंस (US Army Planes) रैपिड डाइविंग कॉम्बैट लैंडिंग कर रहे हैं. इतना ही नहीं विमान हवा में फ्लेयर्स (आग के गोले) छोड़ रहे हैं.
(सभी फोटो- स्क्रीनशॉट)
ऐसा करके रेस्क्यू में जुटे विमान खुद को ISIS-K और तालिबान के लड़ाकों के मिसाइल हमले से बचाने की कोशिश कर रहे हैं. एक वीडियो में देखा गया कि कैसे काबुल (Kabul) में फ्रांसीसी परिवहन विमान आतंकियों की Heat-Seeking Technology को भ्रमित करने के लिए फ्लेयर्स छोड़ रहा है. मालूम हो कि ऐसा करने से दुश्मन की मिसाइल को छकाया जा सकता है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह आशंका है कि अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट, जिसे ISIS-K के नाम से भी जाना जाता है, महिलाओं और बच्चों सहित सैकड़ों शरणार्थियों को ले जाने वाले बचाव विमान पर मिसाइल हमला कर सकता है. इसके लिए वह Heat-Seeking Technology का प्रयोग करेगा. यानी विमान की गर्मी को पहचान कर मिसाइल उसे टारगेट कर सकेगी.
गौरतलब है कि काबुल एयरपोर्ट (Kabul Airport) पर हालात बेहद खराब हैं. हजारों स्थानीय लोग तालिबान शासन से बचने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. वह दूसरे देश भागना चाहते हैं. एक परिवार ने बताया कि रात के समय एयरपोर्ट के गेट के बाहर भीड़ उमड़ती है और लोग भगदड़ में मारे जाते हैं.
डेली मेल के मुताबिक, नाम न छापने की शर्त पर नाटो के एक अधिकारी ने रायटर को बताया कि रेस्क्यू के प्रयास के दौरान काबुल एयरपोर्ट और उसके आसपास के इलाकों में पिछले सात दिनों में कम से कम 20 लोग मारे गए हैं.
वहीं ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने कहा कि तालिबान से भागने की कोशिश में सात अफगान मारे गए हैं. प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि काबुल एयरपोर्ट के आसपास तालिबान आतंकवादियों ने हवा में गोलियां चलाईं और भीड़ को खदेड़ने के लिए डंडों का इस्तेमाल किया. यही नहीं गोलीबारी में लोगों की जान भी गई.
काबुल एयरपोर्ट पर सोमवार को फिर गोलीबारी हुई. इस दौरान एक अफगानी सैनिक की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए. एक अज्ञात हमलावर ने यहां पर गोलियां चलाई थी, जिसके बाद अमेरिकी सेना और अफगानी सेना उसे काबू में करने के लिए आए. इसी दौरान एक अफगानी सैनिक की मौत हो गई. कई और सैनिक घायल भी हुए हैं. काबुल एयरपोर्ट पर अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी समेत कई देशों की सेना चिन्हित शरणार्थियों को ले जा रही है.