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विश्व

Morocco Earthquake: भूकंप से 2800 से ज्यादा मौतें, पहाड़ी इलाकों में बसे गांव और शहर खंडहर में बदले, देखें 15 तस्वीरों में तबाही का मंजर

घर-इमारतें टूटी, छत मलबा बने
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मोरक्को में शुक्रवार को आए भीषण भूकंप में अभी तक 2122 लोगों की मौत हो चुकी है. देश में छह दशकों से भी ज्यादा समय बाद सबसे भीषण भूकंप आया है. घर-इमारतें टूट गईं. छत मलबे में बदल गए हैं. 

मदद मांग रहे हैं लोग
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सिर छिपाने के लिए छत नहीं है. इस त्रासदी में बचे निवासियों को भोजन, पानी और आश्रय पाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. जीवित बचे लोगों ने सहायता मांगी है. 

लापता लोगों की तलाश तेज
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भूकंप के बाद दूरदराज के गांवों में लापता लोगों की तलाश की जा रही है. मौत की संख्या और बढ़ने की संभावना है. मोरक्को में शुक्रवार देर रात 6.8 तीव्रता का भूकंप आया था. घटना के तीन दिन बीत गए हैं. कई लोग आज भी खुले में रातें बिता रहे हैं. 

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प्रभावित गांव तक पहुंचना चुनौती
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राहत कर्मियों को सबसे अधिक प्रभावित गांवों तक पहुंचने की चुनौती का सामना करना पड़ता है. वहां ऊबड़-खाबड़ पर्वत श्रृंखला है और बस्तियां अक्सर दूर होती हैं. कई घर ढह गए हैं.

मोरक्को ने अन्य देशों की मदद स्वीकार की
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सरकारी टीवी ने बताया कि मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,122 हो गई और 2,421 लोग घायल हो गए. मोरक्को ने कहा कि वह अन्य देशों से राहत प्रस्ताव स्वीकार कर सकता है और जरूरत पड़ने पर उनके साथ समन्वय स्थापित करने के लिए काम करेगा.
 

सांस्कृतिक विरासत को भी जबरदस्त नुकसान
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मोरक्को की सांस्कृतिक विरासत को भी जबरदस्त नुकसान हुआ है. स्थानीय मीडिया ने ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण 12वीं सदी की एक मस्जिद के ढहने की खबर दी है. 

यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भी क्षतिग्रस्त
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भूकंप ने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, माराकेच पुराने शहर के कुछ हिस्सों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. माराकेच से 40 किलोमीटर दक्षिण में मौले ब्राहिम गांव के लोगों ने बताया कि उन्होंने किसी तरह मलबे में दबे शवों को बाहर निकाला.

महिला और उसके बेटे को गांव वालों ने दफनाया
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गांव के निवासियों ने बताया कि उन्होंने एक पहाड़ी पर 45 वर्षीय महिला को दफनाया. ये महिला अपने 18 वर्षीय बेटे के साथ मर गई थी. 

क्षतिग्रस्त घरों से सामान निकाल रहे हैं लोग
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लोग अपने क्षतिग्रस्त घरों से सामान निकाल रहे हैं. हालांकि, बड़े तौर पर नुकसान पहुंचा है. हुसैन अदनाई ने कहा कि उनका मानना ​​​​है कि लोग अभी भी पास के मलबे में दबे हुए हैं.

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नहीं पहुंच पा रही सरकारी सहायता
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अदनाई ने कहा, राहत-बचाव कार्य समय से नहीं हो सका, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है. मैंने अपने बच्चों को बचाया. 36 वर्षीय यासीन नौमघर ने पानी, भोजन और बिजली की कमी की शिकायत की. उन्होंने कहा, उन्हें अब तक बहुत कम सरकारी सहायता मिली है.

1960 के बाद सबसे भयानक भूकंप आया
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नौमघर ने कहा, हमने सब कुछ खो दिया, हमने पूरा घर खो दिया. हम बस यही चाहते हैं कि हमारी सरकार हमारी मदद करे. कर्मचारियों के अनुसार, 25 शव गांव के छोटे क्लिनिक में लाए गए. मिट्टी की ईंटों और लकड़ी या सीमेंट और विंड ब्लॉकों से बने कई घरों के स्ट्रक्चर आसानी से ढह जाते हैं. 1960 के बाद से यह मोरक्को का सबसे भयानक भूकंप आया है. तब भूकंप में कम से कम 12,000 लोग मारे जाने का अनुमान लगाया गया था.

परिजन के जिंदा होने की आस में तलाश
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भूकंप से अमीजमिज गांव भी बुरी तरह प्रभावित हो गया. यहां रहने वाले लोग बताते हैं कि बचावकर्मी एक ढहे हुए घर का मलबा हटा रहे हैं. एक सेवानिवृत्त कर्मचारी हसन हलौच ने बताया कि वे एक आदमी और उसके बेटे की तलाश कर रहे हैं. हो सकता है कि अभी भी कोई जीवित बचा हो.

दुकानें क्षतिग्रस्त, मार्केट भी बंद... बढ़ रही समस्या
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बचाव कार्य में मदद के लिए जुटी सेना ने बेघरों के लिए तंबू वाला एक शिविर बनाया है. अधिकांश दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं या बंद चल रही हैं, जिसके कारण लोगों को भोजन और सप्लाई के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. लकड़ी के टुकड़ों से बने अस्थायी आश्रय में अपना कंबल समेट रहे एक मजदूर मोहम्मद नेज्जर ने कहा, हम अभी भी तंबू का इंतजार कर रहे हैं. हमारे पास अभी तक कुछ भी नहीं है. मुझे एक आदमी ने थोड़ा सा भोजन दिया था, लेकिन भूकंप के बाद से बस इतना ही खाने को मिला है. यहां एक भी दुकान नहीं खुली है. लोग अंदर जाने से डरते हैं कि कहीं छत गिर न जाए.

भूकंप से प्रभावित लोगों के लिए बना कोष
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भूकंप का केंद्र माराकेच से 72 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था. यह शहर मोरक्को और विदेशी पर्यटकों का पसंदीदा शहर है, जो अपनी मध्ययुगीन मस्जिदों, महलों और मदरसों के लिए जाना जाता है. सरकार ने कहा कि उसने भूकंप से प्रभावित लोगों के लिए एक कोष स्थापित किया है. वह खोज और बचाव टीमों को मजबूत कर रही है, पीने का पानी उपलब्ध करा रही है. भोजन, तंबू और कंबल वितरित कर रही है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि इस आपदा से 3 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं.

मदद भेज रहे हैं देश
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स्पेन ने कहा कि 56 अधिकारी और चार खोजी कुत्ते मोरक्को पहुंचे हैं. जबकि 30 लोगों और चार डॉग की दूसरी टीम वहां जा रही है. यूके ने कहा कि वह 60 खोजी और बचाव विशेषज्ञों और चार डॉग के साथ टीम तैनात कर रहा है. कतर ने कहा कि उसकी खोज एवं बचाव टीम मोरक्को के लिए रवाना हो गई है.

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