उत्तर कोरिया में कोरोना काल के बाद चरमराती अर्थव्यवस्था के चलते हालात काफी नाजुक हैं लेकिन इसके बावजूद इस देश में लगातार मिसाइलों के परीक्षण किए जा रहे हैं. उत्तर कोरिया ने हाल ही में लंबी दूरी तक मार करने वाली क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मिसाइल ने 1500 किलोमीटर दूर अपने टारगेट पर सटीक वार किया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर/getty images)
इस मिसाइल टेस्ट के बाद उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने की खबरें हैं. उत्तर कोरिया की स्टेट मीडिया का कहना है कि इस परीक्षण के दौरान उत्तर कोरिया की सत्ताधारी पार्टी के नेता मौजूद थे. रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मिसाइल का परीक्षण 11 और 12 सितंबर को किया गया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर/getty images)
इस मिसाइल ने 7,580 सेकेंड्स की उड़ान भरकर 1500 किमी दूर अपने टारगेट को सटीक तरीके से मार गिराया. वहीं यूएस इंडो-पैसिफिक कमांडर ने एक बयान में कहा कि इस गतिविधि से साफ होता है कि उत्तर कोरिया का फोकस अपने मिलिट्री प्रोग्राम को बढ़ाना है और इसके चलते वे अपने पड़ोसी देशों और इंटरनेशनल समुदाय के लिए खतरा बना हुआ है.(प्रतीकात्मक तस्वीर/getty images)
उत्तर कोरिया पर अपने परमाणु हथियारों और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम के चलते इंटरनेशनल सेंक्शन लगाए गए हैं. उत्तर कोरिया का कहना है कि वो अमेरिकी आक्रमण के खतरे से अपने को सुरक्षित रखने के लिए सैन्य क्षमता में लगातार इजाफा कर रहा है. अमेरिका का कहना है कि वो लगातार उत्तर कोरिया के हालातों पर नजर बनाए हुए है. (प्रतीकात्मक तस्वीर/getty images)
इससे पहले उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने एक भाषण में उत्तर कोरिया को सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताकर जता दिया है कि बाइडेन भी आने वाले वक्त में ऐसी ही नीतियां अपनाएंगे जिससे दोनों देशों के बीच दूरियां बढ़ेंगी. (प्रतीकात्मक तस्वीर/getty images)
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को वैश्विक सुरक्षा के लिए 'गंभीर खतरा' बताया था. जो बाइडेन के राष्ट्रपति बनने के बाद उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन ने कहा था कि अमेरिका उनका सबसे बड़ा दुश्मन है. इसके अलावा उन्होंने परमाणु हथियारों में बढ़ोतरी की भी संभावना जताई थी.
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