भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले जहां लगातार बढ़ रहे हैं, वहीं पड़ोसी देश पाकिस्तान में कोरोना केस का ग्राफ नीचे जा रहा है. महामारी की शुरुआत में पाकिस्तान के आर्थिक संकट और खराब स्वास्थ्य सुविधाओं की वजह से बड़ी त्रासदी की आशंका जताई जा रही थी. हालांकि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार कोरोना वायरस महामारी पर नियंत्रण करने में कामयाब रही है.
इमरान खान ने कहा कि भारत के कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और
पूरी तरह से लॉकडाउन लागू करने की वजह से अब मुश्किलें झेल रहा है. इमरान खान
ने कहा कि भारत ने अपनी गरीब आबादी की फिक्र नहीं की.
इमरान खान ने कहा, जब मुझसे कोरोना महामारी पर काबू पाने के लिए लॉकडाउन लगाने के लिए कहा गया तो मैंने पहले गरीबों और समाज के सबसे वंचित तबके के बारे में सोचा. तब मुझे निशाने पर लिया गया और कहा गया कि मुझे समझ नहीं है और मैं देश को बर्बाद कर रहा हूं. इन सबके बावजूद समाज का वंचित तबका हमेशा आपकी प्राथमिकता में होना चाहिए.
इमरान ने कहा कि उनकी पार्टी के कुछ सदस्यों ने भी लॉकडाउन लगाने का सुझाव
दिया था लेकिन हमारी स्थिति इटली और स्पेन की तरह नहीं थी. अगर हमने
लॉकडाउन लागू किया होता तो एक कमरे में छह-सात लोग साथ रह रहे लोगों,
मजदूरों और आम आदमी के सामने मुश्किल खड़ी हो जाती इसीलिए मैंने प्रतिरोध
किया. इमरान खान ने बताया कि बिल गेट्स ने भी पाकिस्तान में गिरते हुए कोरोना
ग्राफ का अध्ययन करने की इच्छा जताई है.
इमरान खान ने कोरोना वायरस से लड़ाई में कामयाबी के लिए अल्लाह को शुक्रिया अदा किया. इससे पहले भी इमरान खान ने कहा था कि हमारे बदनसीब पड़ोसी देश भारत की तरह हमारी हालत नहीं है बल्कि हम उन चुनिंदा खुशनसीब देशों में से एक हैं जहां कोरोना वायरस के मामलों में गिरावट आई है.
पाकिस्तान में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले 2,90,445 हैं और अब तक 6,201 लोगों की कोरोना की चपेट में आने से मौत हो चुकी है. बुधवार को पाकिस्तान में कोरोना वायरस के 613 नए मामले सामने आए हैं जबकि 11 मौतें हुई हैं. पाकिस्तान में कोरोना के अब 12,116 ऐक्टिव केस बचे हैं जबकि 2,72,128 मरीज रिकवर हो चुके हैं.
वर्ल्डमीटर के डेटा के मुताबिक, पाकिस्तान में 14 जून को कोरोना वायरस के
सबसे ज्यादा मामले (6825 नए मामले) सामने आए थे. इसके बाद, पाकिस्तान में
कोरोना वायरस के मामलों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. 3 अगस्त को
पाकिस्तान में सिर्फ 331 नए मामले सामने आए थे जो 14 जून को पीक पर पहुंचने के बाद का सबसे कम
आंकड़ा था.
वहीं, भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले 27 लाख के पार पहुंच चुके हैं और अब तक कुल 52,889 लोगों की मौत हो चुकी हैं. भारत में कोरोना वायरस का ग्राफ लगातार ऊपर की ओर जा रहा है. 13 अगस्त को भारत में एक दिन में सबसे ज्यादा नए मामले (66,999) सामने आए थे. वहीं, 18 अगस्त को भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के 55,000 से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं और 876 लोगों की मौत हुई है.
हालांकि, भारत और पाकिस्तान दोनों का ही टेस्टिंग के मामले में रिकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं है. पाकिस्तान में दस लाख की आबादी पर 9878 कोरोना टेस्ट हो रहे हैं. वहीं भारत में दस लाख की आबादी पर 18,831 टेस्ट हो रहे हैं. इस मामले में यूएई सबसे आगे है जिसने दस लाख की आबादी पर करीब 5,68,223 टेस्ट किए हैं. 4 अगस्त को मैरीलैंड यूनिवर्सिटी में संक्रामक बीमारियों के प्रमुख डॉ. फहीम युनूस ने एक ट्वीट कर बताया था कि पाकिस्तान, भारत, इंडोनेशिया, बांग्लादेश और मेक्सिको के मुकाबले करीब 150 देशों ने प्रति दस लाख आबादी पर ज्यादा टेस्ट किए हैं. उन्होंने कहा था कि इन पांचों देशों में डेटा को लेकर धुंध छाई हुई है और उन्हें कोरोना केस के असली आंकड़े, हॉटस्पॉट और हर्ड इम्युनिटी का सटीक पता नहीं चल पा रहा है.
इन सब बातों के बावजूद पाकिस्तान में कोरोना वायरस केस का गिरता ग्राफ चर्चा में है. 9 अगस्त को सीएनएन से बातचीत में बिल गेट्स ने कहा कि पाकिस्तान के कराची में कोरोना संक्रमण चरम पर पहुंच गया था लेकिन अब वहां के हालात यूरोप की तरह लग रहे हैं. वहां कोरोना के केस में कमी आई है. हालांकि, दुर्भाग्य से भारत अभी भी कोरोना संक्रमण के ग्रोथ फेज में है और उसकी स्थिति दक्षिणी अमेरिका की तरह है.
पाकिस्तान ने कोरोना महामारी आने के बाद से आर्थिक स्थिति के मद्देनजर पूरी तरह से लॉकडाउन लागू नहीं किया. जहां-जहां हॉटस्पॉट थे, वहां स्मार्ट लॉकडाउन लगाया गया ताकि आर्थिक गतिविधियां सीमित स्तर पर चलती रहें. यहां तक कि पाकिस्तान ने मस्जिदों और धार्मिक स्थलों को भी बंद नहीं किया.
हालांकि, सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने समेत कई नियम लागू किए गए थे.
सरकार के आलोचकों का कहना है कि कोरोना की टेस्ट दर बेहद कम है और युवा
आबादी की वजह से यहां मृत्य दर कम है. पाकिस्तान में कोरोना से होने वाली
मौत की दर 10 लाख की आबादी पर 28 है जबकि भारत में ये दर 33 है.
इसी महीने पाकिस्तान ने रेस्टोरेंट और थियेटर्स खोलने की अनुमति भी दे दी है. 8 अगस्त को सरकार ने पर्यटन स्थलों को खोलने के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं. 10 अगस्त को मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी और इन्फेक्शियस डिसीजेस सोसायटी ऑफ पाकिस्तान ने एक बयान जारी कर सरकार के स्मार्ट लॉकडाउन की रणनीति की तारीफ की. बयान में कहा गया है कि सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित स्मार्ट लॉकडाउन कोरोना संक्रमण से निपटने में व्यावहारिक तरीका साबित हुआ. बयान में ये भी कहा गया है कि देश में जब कोरोना पीक पर था तब भी 1000 बेड की क्षमता वाले कराची और लाहौर के अस्पताल पूरी तरह से नहीं भरे थे.