पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने नेशनल एसेंबली में भाषण के दौरान खतरनाक आतंकी ओसामा बिन लादेन को 'शहीद' करार दे दिया. ओसामा बिन लादेन अलकायदा आतंकी संगठन का सरगना था और अमेरिका में 9/11 के आतंकी हमले का मास्टरमाइंड भी था.
इमरान खान ने अपने भाषण में कहा, "हम बहुत शर्मिंदा हुए थे जब अमेरिकियों ने एबटाबाद में आकर ओसामा बिन लादेन को मार दिया...उसे शहीद कर दिया. उसके बाद सारी दुनिया ने हमें बुरा-भला कहा. हमारा ही सहयोगी हमारे मुल्क में आकर ऑपरेशन कर रहा था और हमें ही नहीं पता था. इससे ज्यादा जिल्लत नहीं हो सकती थी."
ओसामा बिन लादेन ने 2001 में अमेरिका पर 9/11 का आतंकी हमला कराया था. इस हमले में करीब 3000 अमेरिकियों ने अपनी जान गंवाई थी. अमेरिका की नेवी सील्स ने 2011 में सैन्य ऑपरेशन कर ओसामा बिन लादेन को मार गिराया. अमेरिकी फौज ने पाकिस्तान के एबटाबाद में घुसकर इस ऑपरेशन को अंजाम
दिया था.
हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब इमरान खान ने ओसामा बिन लादेन के लिए नरमी दिखाई है. इससे पहले, एक टीवी इंटरव्यू में भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने ओसामा बिन लादेन को आतंकवादी कहने से इनकार कर दिया था. यहां तक कि इमरान खान ने अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन का उदाहरण देते हुए कहा था कि वह ब्रिटेन के लिए आतंकवादी थे जबकि दूसरों के लिए स्वतंत्रता सेनानी थे.
पिछले साल, सितंबर महीने में अमेरिकी दौर में इमरान खान ने कहा था कि पाकिस्तान ने एबटाबाद में ओसामा बिन लादेन की मौजूदगी के बारे में अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी दी थी. हालांकि, उन्होंने कहा था कि अमेरिका को पाकिस्तान को अंधेरे में रखकर ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए ऑपरेशन नहीं करना चाहिए था.
इमरान खान ने अमेरिकी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि अमेरिकी ऑपरेशन ने पाकिस्तान को बेहद शर्मसार कर दिया था क्योंकि अमेरिका का सहयोगी होने के बावजूद उसे ऑपरेशन में भरोसे लायक नहीं समझा गया.
अमेरिकी सैन्य बलों ने 2 मई 2011 को पाकिस्तानी सीमा में घुसकर अलकायदा के खूंखार आतंकी लादेन को मार 9/11 हमले का बदला लिया था. 2 मई की रात करीब एक बजे अमेरिकी सेना ने मिशन ओसामा को अंजाम दिया था. अमेरिकी कमांडो पाकिस्तान की छावनी में घुसकर अपना शिकार कर गए और पाकिस्तान को भनक भी नहीं लगी. जब ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ्स के चेयरमैन एडमिरल माइक मुलेन ने फोन करके पाकिस्तानी जनरल कियानी को बताया तो जाकर पाकिस्तान को ओसामा के मारे जाने की खबर पता चली.
पाकिस्तान ऑपरेशन के बाद लगातार आतंकी ओसामा बिन लादेन को पनाह देने में अपनी भूमिका से इनकार करता रहा था.