पाकिस्तान अब खुलकर तालिबान की तरफदारी करने लगा है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि तालिबान ने सामान्य माफी और लड़कियों के स्कूल को जाने की इजाजत देकर सत्ता गंवा चुकी अशरफ गनी सरकार के अपने खिलाफ प्रचार को झूठा साबित कर दिया है.
मुल्तान में शाह महमूद कुरैशी ने हुसैनिया सम्मेलन को संबोधित करते कहा, 'एक डर था कि तालिबान लड़कियों की शिक्षा पर बंदिश लगाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. तालिबान ने सामान्य माफी की घोषणा की है. स्कूल और कारोबारी प्रतिष्ठान खुल रहे हैं. उन्होंने यह भी घोषणा की कि वे बदला नहीं लेंगे. तालिबान के शांतिपूर्ण उठाए गए सभी कदम स्वागत योग्य है.'
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डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश मंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के खिलाफ एक झूठा ट्रेंड शुरू किया गया जो पाकिस्तान के खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप के खेल के साथ-साथ ही नाकाम हो गया. कुरैशी ने कहा, 'पूरी दुनिया जानती है कि अफगानिस्तान में एक भ्रष्ट व्यवस्था थी. अफगानिस्तान में शांति, स्थिरता और सामान्य स्थिति पाकिस्तान की प्राथमिकता है. हम चाहते हैं कि अफगानिस्तान में अमन-शांति बहाल हो, वहां बाजार खुले रहें और अफगानिस्तान सामान्य जीवन की ओर बढ़े.'
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शाह महमूद कुरैशी ने कहा, 'दुनिया पाकिस्तान को एक जिम्मेदार देश मानते हुए अफगानिस्तान मुद्दे के समाधान के लिए संपर्क कर रही है. मैंने चीन, अमेरिका और ब्रिटेन के विदेश मंत्रियों से बात की है. चीन ने अफगानिस्तान के संबंध में अपनी प्राथमिकताओं पर चर्चा की, जबकि मैंने चीनी को यह भी बताया कि अफगानिस्तान में मौजूदा स्थिति से पाकिस्तान कैसे प्रभावित हो रहा है.'
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में पाकिस्तान को शामिल नहीं होने देने के सवाल पर विदेश मंत्री ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान को बैठक में शामिल होने से इनकार करके दूरदर्शिता नहीं दिखाई. अगर पाकिस्तान के रुख को वहां सुना जाता, तो सभी के लिए बेहतर रहता.
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पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों की संख्या बढ़ने की संभावना पर शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान में पहले से ही 30 लाख अफगान शरणार्थी हैं, जबकि मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए उनके लिए एक व्यापक योजना भी बनाई गई है. विदेश मंत्री ने कहा कि चमन और तोरखम सीमा पर शरणार्थियों का कोई दबाव नहीं है.
(पाकिस्तान की चमन सीमा पर जमी भीड़, फोटो-AP)
बुल हवाईअड्डे से निकासी के संबंध में कुरैशी ने कहा कि लोग अफगानिस्तान छोड़ना चाहते थे, लेकिन तालिबान की सामान्य माफी की घोषणा के बाद किसी भी निकासी की आवश्यकता नहीं है. काबुल में पाकिस्तानी दूतावास अफगानिस्तान में विदेशियों को ट्रांजिट वीजा जारी कर रहा है.
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विदेश मंत्री ने कहा कि पूरा क्षेत्र संकट के दौर से गुजर रहा है, कुछ विदेशी ताकतें पाकिस्तान के खिलाफ साजिश रचने में व्यस्त हैं. लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाकर और सुनियोजित षडयंत्र के जरिये अशांति पैदा कर देश को व्यवस्थित तरीके से बांटने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन हमें इन ताकतों को सामने लाना होगा.
कुरैशी ने कहा, '750 वेबसाइटों का पता चला है जो आंतरिक अशांति पैदा करने में व्यस्त हैं. एक मिश्रित युद्ध चल रहा है और सोशल मीडिया का इस्तेमाल फर्जी खबरें और नकारात्मक प्रचार फैलाने के लिए एक हथियार के रूप में किया जा रहा है. खासकर ऐसे पोस्ट अपलोड किए जा रहे हैं जिससे लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं.'
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