काबुल स्थित रूस के दूतावास ने सोमवार को दावा किया है कि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी अकूत पैसा अपने साथ लेकर मुल्क से भागे हैं. समाचार एजेंसी आरआईए की रिपोर्ट के मुताबिक, अशरफ गनी चार कारों और एक हेलिकॉप्टर में कैश लेकर रवाना हुए. गनी को कुछ कैश छोड़ना पड़ा क्योंकि उनके पास पैसे रखने की जगह नहीं बची थी.
हालांकि, गनी इस वक्त कहां है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद देश छोड़ कर निकले राष्ट्रपति अशरफ गनी अब अमेरिका जा सकते हैं. पहले बताया जा रहा था कि वह ताजिकिस्तान पहुंच गए हैं, लेकिन वहां पर उनकी फ्लाइट लैंड नहीं हो सकी. उनके साथ अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोहिब भी हैं. गनी ने रविवार को देश छोड़ने को लेकर सफाई दी और कहा कि वह खून-खराबे से बचने के लिए देश छोड़कर चले गए.
देश छोड़ने को लेकर हो रही आलोचना के बीच अशरफ गनी ने सोशल मीडिया के जरिए सफाई पेश की. उन्होंने लिखा, आज मेरे सामने कठिन विकल्प है. मुझे कठिन फैसला लेना पड़ा. मुझे तालिबान के सामने खड़ा रहना चाहिए. मैंने बीते 20 साल से अपनी जीवन यहां के लोगों को बचाने में बिताया है. मैंने अगर देश नहीं छोड़ा होता तो यहां की जनता के लिए अंजाम बुरे होते. तालिबानियों ने मुझे हटाया है. वो काबुल में यहां के लोगों पर हमले के लिए यहां आए हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि तालिबान ने हिंसा से लड़ाई जीत ली है. अब उनकी जिम्मेदारी है कि वो अफगानिस्तान के लोगों की रक्षा करे. उन्होंने लिखा है कि खूनखराबे से बचने के लिए मुझे अफगानिस्तान से जाना ही सही लगा.
काबुल स्थित रूसी दूतावास के प्रवक्ता निकिता इश्चेंको ने कहा, जिस तरीके से गनी अफगानिस्तान से भागे हैं, उससे अफगानिस्तान की सरकार के पतन को समझा जा सकता है. उन्होंने कहा, चार कारों में पैसा भरा गया, बाकी पैसा एक हेलिकॉप्टर में भरने की कोशिश की गई लेकिन सारा पैसा नहीं आ सका. इसके बाद काफी सारा पैसा सड़क पर पड़ा हुआ था.
रूस के दूतावास के प्रवक्ता इंश्चेंको ने रॉयटर्स से भी अपने बयान की पुष्टि की. उन्होंने रॉयटर्स से अपनी सूचना के स्रोत के तौर पर कई प्रत्यक्षदर्शियों का हवाला दिया. हालांकि, समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं की है.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विशेष दूत जामिर काबुलोव ने भी इससे पहले कहा कि ये स्पष्ट नहीं है कि गनी सरकार अपने पीछे कितना पैसा छोड़कर गई है. काबुलोव ने Ekho Moskvy रेडियो स्टेशन से कहा, मैं उम्मीद करता हूं कि सरकार देश के सरकारी खजाने का पूरा पैसा अपने साथ नहीं ले गई होगी. अगर कुछ बचा होगा तो आगामी बजट के लिए अच्छा रहेगा.