एमक्यू 9 रीपर (MQ9 Reaper Drone) की खास बात यही है कि यह दुश्मनों की नापाक हरकतों पर चुपके से नजर रखता है. ये ड्रोन चमगादड़ की तरह रात में देखता है. उल्लू की तरह शांति से उड़ सकता है. बाज की तरह हमला करता है. लेकिन रूस का Su-27 फाइटर जेट दहाड़ते हुए आता है. इसका मुख्य काम है शिकार करना. (सभी फोटोः गेटी)
MQ-9 Reaper को अमेरिका इसे हंटर-किलर यूएवी कहता है. यह लॉन्ग रेंज एंड्योरेंस ड्रोन है. जो हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलों से लैस रहता है. Su-27 में 10 हार्ड प्वाइंट्स होते हैं, जिनमें तीन तरह के रॉकेट्स, दो तरह हवा से हवा मे मार करने वाली मिसाइलें और तीन तरह के बम लगाए जा सकते हैं. साथ ही 150 राउंड प्रति मिनट गोलियां दागने वाली गन लगी होती है.
एमक्यू 9 रीपर बिना पायलट के होता है लेकिन Su-27 को एक पायलट उड़ाता है. ड्रोन को जॉय स्टिक के जरिए दूर बैठकर कंप्यूटर से उड़ाया जाता है. इसे अमेरिकी कंपनी जनरल एटॉमिक्स बनाती है. Su-27 को रूस की सुखोई कंपनी बनाती है. ड्रोन से सर्विलांस, जासूसी, सूचना जमा करना या फिर दुश्मन के ठिकाने पर चुपके से हमला करने में इस्तेमाल होता है. लेकिन फाइटर जेट का काम बेसिकली हमला करना है.
एमक्यू 9 रीपर ज्यादा ऊंचाई से निगरानी करने में सक्षम हैं. ये अधिकतम 50 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है लेकिन Su-27 फाइटर जेट अधिकतम 62 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है. एमक्यू 9 रीपर की रेंज 1900 किलोमीटर है. Su-27 की रेंज 3530 किलोमीटर है.
रीपर अपने साथ 1700 किलोग्राम वजन का हथियार लेकर जा सकता है. जबकि, Su-27 4430 किलोग्राम वजन के हथियार ले जा सकता है. रीपर की लंबाई 36.1 फीट, विंगस्पैन 65.7 फीट, ऊंचाई 12.6 फीट होती है. जबकि, सुखोई एसयू-27 फाइटर जेट 71.10 फीट लंबा, 19.5 फीट ऊंचा और विंगस्पैन 48.3 फीट है.
रीपर ड्रोन का खाली वजन 2223 किलोग्राम होता है. जिसमें 1800 किलोग्राम ईंधन की क्षमता होती है. सुखोई एसयू-27 का खाली वजन 16,380 किलोग्राम है. इसमें 9400 किलोग्राम ईंधन आता है. रीपर की गति 482 किलोमीटर प्रतिघंटा होती है. जबकि, Su-27 फाइटर जेट 2500 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दुश्मन पर हमला करता है.
रीपर में सिर्फ मिसाइलें लगती हैं. इसमें सात हार्ड प्वाइंट होते हैं. इसमें ज्यादातर 4 AGM-114 Hellfire मिसाइलें लगी होती हैं, ये हवा से जमीन पर सटीकता से हमला करती हैं. Su-27 फाइटर जेट में 10 हार्ड प्वाइंट्स होते हैं, जिसमें तीन रॉकेट्स, 6 हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें या तीन तरह के बम या फिर तीनों का मिश्रण लगाया जा सकता है.
रीपर में दो लेजर गाइडेड GBU-12 Paveway II बम भी लगाए जाते हैं. इन दोनों के बजाय आप इस ड्रोन पर अलग-अलग तरीके के हथियारों का उपयोग कर सकते हैं. जैसे- GBU-38, जो एक ज्वाइंट डायरेक्ट अटैक एम्यूनिशन है. इसके अलावा ब्रिमस्टोन मिसाइल भी लगाए जा सकते हैं. Su-27 में तीन तरह के बम लगते हैं. जनरल बम या फिर दो तरह के क्लस्टर बम. तीनों रूस के घातक बमों में से एक हैं.