यूक्रेन की राजधानी कीव में मौजूद है होस्तोमल एयरबेस (Hostomal Airbase). ये वही जगह है जहां पर दुनिया का सबसे बड़ा मालवाहक विमान (World's Largest Cargo Plane) खड़ा रहता था. यहीं से संचालित भी होता था. लेकिन रूस (Russia) ने इतने बम गिराए. इतनी मिसाइलें दागीं कि यह पूरा एयरबेस बर्बाद हो गया. (फोटोः ललित मोहन जोशी/India Today)
यूक्रेन को भरोसा है कि वह इस विमान को ठीक कर लेगा. लेकिन युद्ध न तो खत्म होने का नाम ले रहा है. न ही नुकसान की सुनामी रूक रही है. रूस के बमों से होस्तोमल एयरबेस छलनी हो चुका है. जमीनों, दीवारों, विमान और छतों पर सिर्फ छेद ही छेद और गड्ढे ही गड्ढे देखने को मिल रहे हैं. (फोटोः ललित मोहन जोशी/India Today)
एयरबेस के एक किनारे पर गाड़ियों के कंकाल बचे हैं. जले-भुने...जंग लगे हुए लोहे के ढांचे मात्र. यूक्रेन की राजधानी कीव (Kyiv) के पास मौजूद एक एयरफील्ड में खड़े दुनिया के सबसे बड़े विमान (World's Biggest Cargo Plane) को रूसी सैनिकों ने हमले में ध्वस्त कर दिया था. (फोटोः ललित मोहन जोशी/India Today)
युद्ध की स्थिति ऐसी चल रही है कि इस एयरबेस से रूसी हथियारों, पुराने बमों और बेकार चीजों को हटाया ही नहीं जा पा रहा है. लोग इस जगह को फिर से उपयोग करना चाहते हैं, लेकिन रूसी सैनिकों के हमले से डरकर कोई वहां जा ही नहीं रहा है. इस एयरबेस पर सबसे बड़ा मालवाहक प्लेन खड़ा होता था. जिसे यूक्रेन की सरकारी डिफेंस कंपनी यूक्रोबोरोनप्रोम (Ukroboronprom) बनाती है. (फोटोः ललित मोहन जोशी/India Today)
एंतोनोव एएन-225 म्रिया (Antonov AN-225 Mriya) विमान को लेकर यूक्रोबोरोनप्रोम ने कहा था कि हम अगले पांच साल में और म्रिया बनाएंगे. इसमें करीब 3 बिलियन डॉलर्स यानी 22,670 करोड़ रुपये लगेंगे. यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने अपने ट्विटर पर कहा भले ही रूस ने हमारे म्रिया को बर्बाद किया हो. लेकिन वह हमारे सपने को चूर नहीं कर पाएगा. हम एक मजबूत, आजाद औऱ लोकतांत्रिक यूरोपियन देश का निर्माण करेंगे. (फोटोः ललित मोहन जोशी/India Today)
एंतोनोव कंपनी ने यह भी कहा था कि उसके एक्सपर्ट विमान की तकनीकी सेहत की जांच कर रहे हैं. एएन-225 ने अपनी पहली उड़ान 21 दिसंबर 1988 में भरी थी. एंतोनोव एएन-225 म्रिया (Antonov AN-225 Mriya) के नाम कई रिकॉर्ड हैं. सबसे भारी एयरक्राफ्ट का. सबसे बड़े विंगस्पैन का. सबसे ज्यादा कार्गो 640 टन वजन उठाने का. सबसे बड़ा मालवाहक विमान होने का. इस विमान को उड़ाने के लिए 6 क्रू की जरूरत होती है. यह एक बार में 2.53 लाख किलोग्राम वजन उठा सकता है. (फोटोः ललित मोहन जोशी/India Today)
इसकी लंबाई 275.7 फीट और ऊंचाई 59.5 फीट होती है. इसका विंगस्पैन 290 फीट है. यह प्लेन बिना सामान लोड किए भी 2.85 लाख किलोग्राम का है. इसमें एक बार में 3 लाख किलोग्राम ईंधन भरा जा सकता है. यह एक बार में 46 हजार क्यूबिक फीट माल अपने पेट में रखकर उड़ सकता है. लेकिन इस एयरबेस पर अब सिर्फ बम ही बम देखने को मिलते हैं, वह भी फटे हुए. और सिर्फ बर्बादी के निशान. (फोटोः ललित मोहन जोशी/India Today)
एंतोनोव एएन-225 म्रिया (Antonov AN-225 Mriya) के अंदर 6 प्रोग्रेस डी-18टी टर्बोफैन इंजन लगे हैं. हर इंजन इसे 229.5 किलोन्यूटन की ताकत देता है. इसकी अधिकतम गति 850 किलोमीटर प्रतिघंटा है. एक बार पूरा ईंधन भरने पर यह 15,400 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है. अगर इसमें 200 टन का वजन है तो यह 4000 किलोमीटर की उड़ान भर सकता है. (फोटोः ललित मोहन जोशी/India Today)
एंतोनोव एएन-225 म्रिया (Antonov AN-225 Mriya) आमतौर पर 36 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है. लेकिन यह जरूरत के मुताबिक अपनी ऊंचाई कम ज्यादा कर सकता है. अगर इस विमान की सबसे बड़ी उपलब्धियों का जिक्र करें तो यह विज्ञान से लेकर युद्ध क्षेत्र और आपदा राहत एवं बचाव कार्यों में बड़ा मददगार साबित हुआ है. (फोटोः AFP)