रूस का विक्ट्री डे उसके उन सैनिकों की कुर्बानी के प्रति सम्मान है जो द्वितीय विश्व युद्ध में मारे गए थे. ऐसा कहा जाता है कि द्वितीय विश्व युद्ध के समय रूस (तब सोवियत संघ) के 80 लाख सैनिक मारे गए थे. इसलिए इस युद्ध में मिली फतह को रूस इस तरह से मनाता है. इसे ग्रेट पैट्रियॉटिक वॉर (Great Patriotic War) कहा जाता है. (फोटोः एपी)
इस बार रूस ने यूक्रेन (Ukraine) पर हमला किया है. CNN में प्रकाशित खबर के अनुसार यूक्रेन का दावा है कि इस युद्ध में रूस ने दो महीने में 24 हजार से ज्यादा सैनिक खो दिए हैं. 1000 टैंक्स और 2600 बख्तरबंद वाहन नष्ट हो चुके हैं. सैकड़ों एयरक्राफ्ट मार गिराए गए हैं. इसके अलावा गाइडेड मिसाइल क्रूजर मोसक्वा युद्धपोत भी यूक्रेन ने मार गिराया है. ऐसी डरावनी संख्याओं के बीच रूस का विक्ट्री डे मनाना एक बेहद महत्वपूर्ण घटना है. खैर समझते हैं विक्ट्री डे (Victory Day) क्या है? (फोटोः एएफपी)
सोवियत संघ ने 9 मई 1945 में पहला विक्ट्री डे तब मनाया था, जब जर्मनी ने उसके सामने सरेंडर कर दिया था. 1945 में सेकेंड वर्ल्ड वॉर खत्म होने के बाद एलाइड देशों ने 8 मई को विजय घोषित करते हुए यूरोप डे (Europe Day) नाम दिया था. सोवियत संघ इंतजार कर रहा था जर्मनी द्वारा आधिकारिक तौर पर हार स्वीकार करने का. लेकिन जब तक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर होते तब तक मध्य रात्रि हो चुकी थी. इसलिए रूस 9 मई को विक्ट्री डे मनाता है. (फोटोः एपी)
रूस का विक्ट्री डे हमेशा से इतने धूमधाम से नहीं मनाया जाता था. लेकिन 1965 में सोवियत संघ के नेता लियोनिड ब्रेझनेव ने 9 मई को राष्ट्रीय अवकाश घोषित कर दिया. 60 के दशक में ही ये बड़ा होता चला गया. इसमें मिलिट्री परेड्स होने लगे. लेकिन इसे और बड़ा करके प्रदर्शित करने का पूरा श्रेय वर्तमान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) को जाता है. (फोटोः रॉयटर्स)
पिछले दो दशकों में मॉस्को में जब भी विक्ट्री डे परेड होता है, लाखों की संख्या में लोग जुटते हैं. सड़कों पर मार्च निकलते हैं. लोग अपने शहीदों की तस्वीरों को लेकर परेड निकालते हैं और मोमबत्तियां जलाकर उन्हें सम्मान देते हैं. इस मार्च में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल होते हैं. (फोटोः एपी)
रूस इस दिन रेड स्क्वायर पर अपने आर्टिलरी का प्रदर्शन करता है. तोपों को दिखाता है. मिसाइलों का काफिला निकालता है. यूक्रेनी अखबार द कीव इंडिपेंडेंट ने 25 मार्च 2022 को ट्वीट करके लिखा था कि रूस इस जंग को 9 मई तक खत्म करना चाहता है. हालांकि रूसी मीडिया के अनुसार रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने ऐसे किसी रिपोर्ट से इंकार किया था. (फोटोः रॉयटर्स)
⚡️Ukrainian army: Russia wants to end war by May 9.
— The Kyiv Independent (@KyivIndependent) March 24, 2022
According to intelligence from the General Staff of the Armed Forces of Ukraine, Russian troops are being told that the war must end by May 9 – widely celebrated in Russia as the day of victory over the Nazi Germany.
रूस ने यह भी मना कर दिया था कि वह यूक्रेन युद्ध की वजह से विक्ट्री डे मनाना बंद कर देगा. वो विक्ट्री डे बेहद शानदार तरीके से मनाएगा. और रूस ने मनाया भी. हालांकि, पश्चिमी मीडिया का मानना है कि पुतिन इस दिन के बाद से या उसी दिन से यूक्रेन पर अधिक हमला करना शुरु करेंगे. ज्यादा मिलिट्री ताकत यूक्रेन की तरफ भेजेंगे. ताकि यूक्रेन पर फतह हासिल कर सकें. (फोटोः एपी)
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर किए गए हमले को डिनाजीफिकेशन (Denazification) शब्द दिया था. ऐसे ही शब्दों का उपयोग सोवियत संघ ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान किया था. इस बार परेड में 65 हजार से ज्यादा लोगों ने भाग लिया. इसके अलावा 2400 से ज्यादा हथियारबंद और मैटेरियल यूनिट्स ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया. (फोटोः एपी)