अफगानिस्तान में बिगड़ते हालात को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ चर्चा की है. एंटनी ब्लिंकन ने अफगानिस्तान में प्रत्यक्ष हितों वाले देशों के विदेश मंत्रियों को फोन किया था. ब्रिटेन, रूस, चीन सहित भारत भी उन देशों में शामिल है जिन्होंने अफगानिस्तान के विकास पर काफी खर्च किया है और कई परियोजनाओं को अभी पूरा किया जाना बाकी है. इस बीच, अफगानिस्तान पर काबिज हो चुके तालिबान ने कहा है कि भारत को अफगान में अपने प्रोजेक्ट्स को पूरा करना चाहिए. एक अनुमान के मुताबिक, भारत ने अफगानिस्तान में तीन अरब डॉलर की विकास परियोजनाओं पर निवेश किया है.
(फोटो-Getty Images)
पाकिस्तान के चैनल 'हम न्यूज' से बातचीत में तालिबान के नेता ने अफगानिस्तान की धरती का दूसरे देशों के खिलाफ इस्तेमाल न करने का आश्वासन दिया और कहा कि भारत को अपनी परियोजनाओं को पूरा करना चाहिए. तालिबान प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने कहा, किसी भी देश को अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल दूसरों के खिलाफ नहीं करने दिया जाएगा. भारत अफगानिस्तान में अपनी अधूरी पुनर्निर्माण और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को पूरा कर सकता है.
(फोटो-Getty Images)
Taliban spox @suhailshaheen1 on India:
— Rezaul Hasan Laskar (@Rezhasan) August 16, 2021
*no country will be allowed to use Afghan soil against others
*India can complete its incomplete reconstruction & infrastructure projects in #Afghanistan pic.twitter.com/TDHdAuc7Er
पाकिस्तानी न्यूज एंकर ने तालिबान प्रवक्ता से सवाल किया, भारत ने अफगानिस्तान में काफी भारी-भरकम निवेश किया है, लेकिन उसने तालिबान को कभी मान्यता नहीं दी, लेकिन हालात बदल गए हैं? इस पर सुहैल शाहीन ने कहा, 'पहला, हम कह चुके हैं किसी देश, किसी ग्रुप को हम अफगानिस्तान की सरजमीं का किसी देश के खिलाफ इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं देंगे. यह क्लियर है. दूसरा, अगर उन्होंने (भारत) ने उधर (अफगानिस्तान में) इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स बनाए हैं, रिकंसट्रक्शन कर रहे हैं और वो कम्पलीट नहीं हैं तो वो उसे पूरा करें क्योंकि वो अवाम के लिए है.'
(फोटो-Getty Images)
तालिबान प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने कहा, 'लेकिन कोई अफगानिस्तान की सरजमीं का अपने मकसद के लिए, अपने मुल्क के मकसद के लिए, अपनी अदावत के लिए कोई इस्तेमाल करे तो हम इसकी इजाजत नहीं देंगे.'
(फोटो-AP)
पाकिस्तानी न्यूज एंकर ने तालिबान प्रवक्ता से फिर सवाल किया कि भारत के अफगानिस्तान में कई कंसुलेट्स मौजूद हैं जो पाकिस्तान के खिलाफ काम करते हैं, और आप कह रहे हैं कि अफगान जमीन को किसी देश के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा, तो क्या अब आप भारत के साथ अच्छे ताल्लुकात चाहते हैं?
(फोटो-AP)
अपनी बात दोहराते हुए सुहैल शाहीन ने कहा, 'अगर भारत की अफगानिस्तान में डैम और रोड जैसी परियोजनाएं हैं और अभी पूरी नहीं हुई हैं तो भारत आए और उसे पूरा करे. लेकिन दूसरा हम स्पष्ट कह चुके हैं कि कोई मुल्क अफगानिस्तान का दूसरे मुल्क के खिलाफ इस्तेमाल करे, हम उसकी इजाजत नहीं देंगे. यह हमारी क्लियर कट पॉलिसी है.'
(फोटो-AP)
इंडिया टुडे के साथ एक विशेष इंटरव्यू में तालिबान के प्रवक्ता ने यह भी कहा था कि तालिबान भारत और पाकिस्तान के बीच प्रतिद्वंद्विता का हिस्सा नहीं बनना चाहता है. तालिबान प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने कहा था, 'मैं यहां पिछले 40 साल से जिहाद कर रहा हूं. हम आपके (भारत) और पाकिस्तान के बीच लड़ाई का हिस्सा नहीं बनना चाहते हैं. हम आजादी के लिए लड़ने वाले लोग हैं; हम अफगानिस्तान के लोग हैं.'
बहरहाल, इस बीच भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर ने सोमवार को अपने अमेरिकी समकक्ष एंटनी ब्लिंकन से बात करने के बाद ट्वीट किया. जयशंकर ने लिखा, 'अफगानिस्तान में नवीनतम घटनाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने काबुल में हवाई अड्डे के संचालन को बहाल करने की आवश्यकता को रेखांकित किया. इस संबंध में चल रहे अमेरिकी प्रयासों की सराहना करते हैं.'
(फोटो-PTI)
Discussed latest developments in Afghanistan with @SecBlinken. Underlined the urgency of restoring airport operations in Kabul. Deeply appreciate the American efforts underway in this regard.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) August 16, 2021
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने जयशंकर और पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के साथ फोन पर हुई बातचीत के बारे में कहा कि उन्होंने केवल अफगानिस्तान और वहां की स्थिति पर चर्चा की. चीनी विदेश मंत्री वांग यी और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ बातीच में, ब्लिंकन ने सुरक्षा स्थिति और निकासी पर चर्चा की.
(अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन, फोटो-AP)